By अभिनय आकाश | May 29, 2026
मध्य पूर्व इस समय एक अत्यंत संवेदनशील और जटिल दौर से गुजर रहा है। जहां एक तरफ बंद कमरों में शांति की इबारत देखी जा रही है तो दूसरी तरफ जमीन और आसमान में बारूद की गंध तेज होती जा रही है। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसकी सेना ने देश के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बुशहर प्रांत में एक अमेरिकी विमान को मार गिराया। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक अफवाह करार दिया। ईरान की सरकारी टेलीविजन और समाचार एजेंसी तसनीम ने दक्षिणी बुशहर प्रांत के जाम इलाके के गवर्नर मसूद तगस्तानी के हवाले से एक बड़ी खबर प्रसारित की। दावे के मुताबिक ईरान के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले एक हॉस्टाइल एयरक्राफ्ट को इंटरसेप्ट किया और उसे मार गिराया। सैन्य विश्लेषकों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह विमान अमेरिका का एक मानव रहित जासूसी यानी कि यूएवी ड्रोन था। कहा जा रहा है कि विमान ईरान के तटीय और परमाणु प्रतिष्ठानों की टोह ले रहा था। ईरान ने यह भी स्वीकार किया कि उसने इसी दौरान होमस जलडम मध्य के पास चेतावनी के तौर पर मिसाइलें भी दागी हैं। अमेरिका ने किया दावे को खारिज। ईरान के इस बड़े दावे के कुछ ही घंटों के बाद अमेरिकी सेना के यूएस सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर का पूरी तरह से खंडन कर दिया। सेंट कॉम ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में कहा कि उसका कोई भी विमान या फिर ड्रोन लापता या फिर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। अमेरिका के मुताबिक क्षेत्र में मौजूद उसके सभी हवाई संसाधन पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं, यह अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने बताया कि कुछ शब्दों से संबंधित मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है। जॉइंट बेस एंड्रयूज के हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए वैंस ने कहा, यह अभी तय नहीं हुआ है कि राष्ट्रपति समझौता ज्ञापन पर कब हस्ताक्षर करेंगे। हम कुछ भाषा संबंधी विवरणों पर चर्चा जारी रखे हुए हैं।