चीनी सैटेलाइट से ईरान ने उड़ाया अमेरिकी अड्डा, गए 7 लाख करोड़

By अभिनय आकाश | Apr 16, 2026

कुछ दिन पहले जब ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे। अमेरिका के सैन्य ठिकानों को कई जगह निशाना बनाया था। उस वक्त पूरी दुनिया दंग रह गई थी और सवाल उठा कि आखिर ईरान के पास इतनी सटीक लोकेशन कहां से आई? आज एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने इस राज से पर्दा उठा दिया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद से सिर्फ ईरान ही नहीं एक और देश है जो अब अमेरिका के निशाने पर आ गया है। दरअसल फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कुछ साल पहले चाइना से एक सेटेलाइट ली थी। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में ऐसा छापा गया है कि ईरान ने 2024 के अंत में चाइना से गुपचुप तरीके से एक स्पाई सेटेलाइट खरीदी थी जिसका नाम TE01 भी है। इसे बनाया और ल्च किया गया चाइना की एक कंपनी अर्थ आई द्वारा। कागजों पर तो यह कमर्शियल डील दिखती है, लेकिन इसके पीछे का सच कुछ और है। लीक हुए कुछ डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक इस सेटेलाइट का कंट्रोल ईरान की सिविलियन स्पेस एजेंसी के पास नहीं बल्कि सीधे आईआरजीसी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स के पास था। इस खबर के बाहर आते ही अपने आप में एक बहुत बड़ी चर्चा शुरू हो गई। आखिरकार ईरान ने जो हमले किए अब उसके पीछे चाइनीस सेटेलाइट्स का हाथ बताया जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz में अमेरिकी चक्रव्यूह! नाकेबंदी तोड़ने की चीनी कोशिश नाकाम, पीछे हटने को मजबूर हुआ 'रिच स्टारी'

A10 थंडरब्ट टू गिराया गया। MQ9 रिपर ड्रोन कम से कम 20 से 24 ड्रोंस ऐसे गिराए गए। इसके अलावा चीनूक हेलीकॉप्टर यहां तक कि ब्लैक हॉक के डैमेज होने की भी रिपोर्ट्स थी। ईरान ने तो यह तक दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी F-35 तक गिरा दिया है। और इसके साथ ही साथ कई सैन्य ठिकानों पर भी ईरान ने हमला किया। हालांकि इस नुकसान की पुष्टि भारत तक नहीं करता है। देखिए आमतौर पर जंग के दौरान दोनों तरफ नुकसान पहुंचता है। ईरान को भी नुकसान हुआ, अमेरिका को भी नुकसान हुआ। लेकिन अमेरिका को जो नुकसान हुआ वो इसलिए चर्चा में आया क्योंकि अमेरिका ने जिस तरह से बयानबाजी की थी और हमले की तैयारी की थी ऐसी उम्मीद नहीं थी कि ईरान अमेरिका को इतना भारी भरकम नुकसान पहुंचा पाएगा। और अब जब फाइनेंसियल टाइम्स की ये रिपोर्ट सामने आई है तो चाइनीस सेटेलाइट को भी इसके पीछे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। देखिए हथियारों की अगर बात करें जो अमेरिकी विमान गिराए गए उसमें तो मान लीजिए जंग का वक्त है। दोनों तरफ से हमले हुए कोई भी नुकसान हो सकता है। लेकिन जो सटीक हमले अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर किए गए उसके पीछे चाइनीस सेटेलाइट्स का हाथ हो सकता है। देखिए जो रिपोर्ट्स सामने आई हैं उसके मुताबिक इस सेटेलाइट ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस की 13, 14 और 15 मार्च की तस्वीरें ली।

इसे भी पढ़ें: Iran War का China की Economy पर असर, Export धीमा, Import ने तोड़ा नवंबर 2021 का रिकॉर्ड

14 मार्च को ट्रंप ने खुद माना था कि इस बेस पर मौजूद अमेरिकी विमानों को नुकसान हुआ था। इसके अलावा इस सेटेलाइट ने जॉर्डन के मुआफक साल्टी एयरबेस पर भी नजर रखी। साथ ही बहरीन में अमेरिकी नौसेना के यूएस फिफ्थ फ्लट के बेस और इराक के एरेबल एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों को भी मॉनिटर किया गया। यही नहीं कुवैत, जिबूती, ओमान और यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के कोऑर्डिनेट्स की पूरी लिस्ट इस चाइनीस सेटेलाइट के पास थी। ये अमेरिका की इंटेलिजेंस के लिए एक बहुत बड़ा फेलोर माना जा रहा है। रिपोर्ट्स कहती है कि ईरान ने इस सेटेलाइट की मदद से अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर नजर रखा और उसी हिसाब से हमलों की तैयारी की। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।  

प्रमुख खबरें

Mumbai Indians ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच से पहले टीम में किया बदलाव, ये खिलाड़ी हुआ शामिल

India और Austria मिलकर बनाएंगे मजबूत Supply Chain, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी में होगा बड़ा सहयोग

Middle East में जंग का खतरा? Netanyahu का बड़ा बयान- Iran पर US और हमारा निशाना एक

दो F-35 से भी महंगा, Iran के पास US Navy का 2000 करोड़ का Triton Drone कैसे हुआ क्रैश?