By दिव्यांशी भदौरिया | May 29, 2026
भारत में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रा पर्यटन का क्रेज काफी बढ़ चुका है। आजकल लोग तीर्थस्थानों पर दर्शन के लिए जरुर जाते हैं। ऐसे में हर बुजुर्ग का सपना होता है कि तीर्थ यात्रा पर जरुर जाएं, लेकिन उन्हे सुरक्षा की चिंता, थकान, होटल-टिकट जैसे तमाम झंझट के चक्कर में जाने का प्लान कैंसिल ही कर देते हैं। लेकिन अब आप अपने माता-पिता को तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाने के लिए भेजना चाहते हैं, या खुद साथ में चलकर मां-बाप को तीर्थ यात्रा कराना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
आखिर क्यों चुनें 'भारत गौरव' ट्रेन का टूर पैकेज?
जब आप किसी भी यात्रा पर जाते हैं टिकट और होटल बुक करने के लिए परेशान रहते हैं। इन सभी झंझट से बचने के लिए यह टूर पैकेज बेहद खास है। इस टूर पैकेज के जरिए कोई भी सफर आराम से कर सकता है, लेकिन इस पैकेज में बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखा जाता है।
रहने-खाने की पूरी व्यवस्था: इस पैकेज में आपको रेलवे द्वारा सफर, होटल में ठहरना और खाने-पीने की विशेष सुविधा मिलेगी।
बजट के मुताबिक कोच: अपने समार्थ्य के हिसाब से आप स्लीपर कोच से लेकर 1st AC तक के कोच का चयन कर सकते हैं।
सुगम दर्शन: IRCTC द्वारा रेलवे स्टेशन से तीर्थ स्थलों में दर्शन करने के लिए एसी बसों की सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा मिलेंगी: रेलवे के सफर के दौरान यात्रियों के लिए मदद करने के लिए एक एस्कॉर्ट हमेशा साथ रहेगा। इसी के साथ हर व्यक्ति को 10 लाख रुपये का यात्रा बीमा मिलेगा।
बिना पासपोर्ट-वीजा विदेश यात्रा: इन ट्रेनों के जरिए यात्रियों को नेपाल और भूटान जैसे देशों के दर्शन भी किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि इसके लिए कोई पासपोर्ट या वीजा की जरुरत नहीं है। बॉर्डर स्टेशन से आपको बसों के जरिए संबंधित देशों के तीर्थ स्थलों तक ले जाएंगे।
अगले महीने 6 शानदार टूर पैकेज शेड्यूल
बता दें कि, IRCTC हर सीजन में अलग-अलग राज्यों के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से इन ट्रेनों का संचालन करता है। आने वाले 2 महीनों में 6 शानदार टूर पैकेज की शुरुआत होगी। आइए आपको इसके बारे जानकारी बताते हैं-
द्वारका और 7 धाम की यात्रा (1 जून)
ट्रैवल टाइमिंग: 10 रातें और 11 दिन।
बोर्डिंग स्टेशन: जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर आदि।
कहां-कहां होंगे दर्शन: नागेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर, महाकालेश्वर, द्वारकाधीश मंदिर, सोमनाथ और त्र्यंबकेश्वर।
नेपाल दर्शन की दो यात्राएं (12 जून और 24 जून)
यात्रा का समय: 9 रातें और 10 दिन।
बोर्डिंग स्टेशन: इंदौर, उज्जैन, सीहोर, भोपाल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना आदि।
कहां-कहां होंगे दर्शन: काठमांडू का पशुपतिनाथ मंदिर, चितवन (सूर्यास्त व्यू पॉइंट व सफारी) और पोखरा (सूर्योदय व्यू पॉइंट)।
सात ज्योतिर्लिंग यात्रा (12 जून)
यात्रा का समय: 11 रातें और 12 दिन।
बोर्डिंग स्टेशन: ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, कानपुर आदि।
कहां-कहां होंगे दर्शन: महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, नागेश्वर, सोमनाथ, घृष्णेश्वर, भीमाशंकर और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग।
पुरी - कामाख्या - बैद्यनाथ धाम (25 जून)
यात्रा का समय: 11 रातें और 12 दिन।
बोर्डिंग स्टेशन: पुणे, नासिक, मनमाड, भुसावल, अकोला, नागपुर आदि।
कहां-कहां होंगे दर्शन: जगन्नाथ पुरी, गुवाहाटी में कामाख्या देवी, बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ और अयोध्या।
दक्षिण भारत यात्रा (14 जुलाई)
यात्रा का समय: 12 रातें और 13 दिन।
बोर्डिंग स्टेशन: दुमका, हंसडीहा, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, बख्तियारपुर, पटना साहेब, पटना और आरा आदि।
कहां-कहां होंगे दर्शन: तिरुपति, रामेश्वरम, कन्याकुमारी, मदुरै और मल्लिकार्जुन मंदिर।
अकेले यात्रा करना सुरक्षित है
अगर आपके बच्चे कहीं और रहते हैं और आप अकेले जाना जाते हैं, तो यह एकदम सुरक्षित रहेगा। इस टूर में व्यक्ति की हर छोटी-मोटी जरुरत का ख्याल रखा जाएगा। बुकिंग और पूछताछ के लिए आप IRCTC की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।