By अंकित सिंह | Jan 28, 2026
समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी-जी राम जी) की आलोचना करते हुए कहा कि यह कानून बजट से समझौता करता है और उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन को प्रभावित करेगा। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा कि वीबी राम जी पर हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। उत्तर प्रदेश में लगभग 800 ग्राम सभाएं शहरी क्षेत्र में शामिल हो गई हैं। बजट से समझौता किया जा रहा है, जिससे उनके कामकाज और अपेक्षित रोजगार सृजन पर असर पड़ेगा।
एनडीए-भाजपा सांसदों ने सराहना में अपनी मेजें थपथपाईं, वहीं विपक्षी सांसद खड़े हो गए और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जोर देते हुए कहा कि आज संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान, सभी विपक्षी दलों ने एमजीएनआरईजीए को जबरन निरस्त किए जाने का अत्यंत सम्मानपूर्वक और गरिमापूर्ण तरीके से विरोध किया। विपक्ष एमजीएनआरईजीए को बहाल करने की मांग के लिए सभी लोकतांत्रिक साधनों का इस्तेमाल करेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान हंगामा करने के लिए विपक्ष की आलोचना की।
संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में पारित वीबी-जी राम जी अधिनियम, पूर्व की 100-दिवसीय रोजगार गारंटी को 125-दिवसीय गारंटी से बदल देता है। विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने और केंद्र एवं राज्यों के बीच 60:40 के निधि बंटवारे के अनुपात को समाप्त करने के लिए इस विधेयक की आलोचना की है। संसद का बजट सत्र, जो बुधवार से शुरू हुआ, 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा।