By अंकित सिंह | Apr 16, 2026
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा ने गुरुवार को परिसीमन विधेयक सहित संवैधानिक संशोधन विधेयकों के विरोध के लिए विपक्ष की आलोचना की और इस दावे को खारिज कर दिया कि विधेयक दक्षिण और उत्तर भारत के बीच खाई को और चौड़ा करेगा। उन्होंने विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने के लिए नाटक रचने का आरोप लगाया। झा ने एएनआई को बताया कि दक्षिण और उत्तर भारत के बीच का अंतर कैसे बढ़ सकता है? हर राज्य में 50% की वृद्धि होने वाली है। मुझे लगता है कि विपक्ष सिर्फ महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करना चाहता है, इसलिए ये सब नाटक कर रहा है।
वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को महिलाओं, जाति जनगणना, संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार परिसीमन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि सरकार को लोकसभा के वर्तमान संख्याबल 543 के आधार पर 2029 से ही महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।
गोगोई ने कहा कि सोनिया गांधी ने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा के दौरान यही कहा था कि महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन इसे परिसीमन के साथ मत जोड़िए, लेकिन सरकार ने उस वक्त विपक्ष को नहीं सुना। उन्होंने कहा कि तीन साल में ऐसा क्या बदलाव हुआ कि सरकार का रुख बदल गया।