मत हो उदास, त्यौहारों में बरकरार रखेगी मिठास, ISMA का बड़ा बयान- देश में चीनी की कोई कमी नहीं, जल्‍द कीमतें कम होंगी

By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026

भारत के चीनी उद्योग ने हाल ही में चीनी की खुदरा कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में कीमतें कम होने की उम्मीद है। चीनी उद्योग की मुख्य संस्था, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के लिए कई वजहें बताईं, जिनमें व्यापारियों और बड़े खरीदारों द्वारा सट्टेबाजी के लिए की गई खरीदारी और खराब मौसम की वजह से चीनी का कम उत्पादन शामिल है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ISMA के प्रेसिडेंट नीरज शिरगांवकर ने कहा कि उद्योग कृत्रिम कमी पैदा करने या मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतें बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। शिरगांवकर ने कहा कि भारत में चीनी की उपलब्धता काफी है और उन्होंने सप्लाई में कमी की चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है।" ISMA प्रेसिडेंट के मुताबिक, सितंबर के आखिर में देश में चीनी का बचा हुआ स्टॉक (क्लोजिंग स्टॉक) लगभग 35 लाख टन रहने की उम्मीद है। इस स्टॉक और नए पेराई सीजन (क्रशिंग सीजन) से होने वाले नए उत्पादन से घरेलू सप्लाई को सहारा मिलने की उम्मीद है।

इंपोर्ट की गई चीनी भारत कब पहुँचेगी?

हालाँकि इंपोर्ट की इजाज़त दे दी गई है, लेकिन शिपमेंट का समय घरेलू बाज़ार के लिए एक अहम बात है। नेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ कोऑपरेटिव शुगर फ़ैक्टरीज़ (NFCSF) के प्रेसिडेंट प्रकाश नाइकनवारे ने कहा कि इंपोर्ट की गई कुछ खेप 15 अक्टूबर से पहले भारतीय बंदरगाहों पर पहुँच सकती हैं, हालाँकि उस समय तक कितनी मात्रा में चीनी आएगी, यह बताना मुश्किल है।

ब्राज़ील से भारत तक शिपमेंट आने में 40-45 दिन लग सकते हैं

नायकनवरे ने बताया कि ब्राज़ील से भारतीय बंदरगाहों तक चीनी लाने में आम तौर पर 40 से 45 दिन लगते हैं। जब माल भारत पहुँच जाता है, तो उसे बंदरगाह से संबंधित चीनी मिलों तक पहुँचाने में और समय लगता है। नायकनवरे ने कहा, "इसलिए, यह बताना मुश्किल है कि 15 अक्टूबर से पहले कितनी चीनी आ सकती है, लेकिन तब तक कुछ शिपमेंट के आने की अच्छी संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि आयातित चीनी के घरेलू बाज़ार तक पहुँचने से पहले कई प्रक्रियाएँ पूरी करनी होती हैं। इनमें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड (DGFT) से मंज़ूरी और आवंटन, लेटर ऑफ़ क्रेडिट जारी करना और शिपमेंट की समय-सारणी तय करना शामिल है। ब्राज़ील के बंदरगाहों पर भीड़-भाड़ के कारण अंतिम मात्रा और समय पर भी असर पड़ सकता है, जिससे 15 अक्टूबर से पहले चीनी के आने का पक्का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। 

प्रमुख खबरें

Balochistan के मस्तुंग और चमन में 5 शव बरामद, Pakistan में Forced Disappearances पर गहराया संकट

Saudi-Turkey-Pakistan के मक्का समझौते पर Iran का बड़ा बयान, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए रखे अपने प्रस्ताव

US Sanctions के बीच Iran की बड़ी धमकी, Middle East में तनाव बढ़ा तो होंगे गंभीर परिणाम

West Asia Crisis में Pakistan Army Chief का Iran दौरा, Saudi Defense Pact पर उठ रहे बड़े सवाल