Israel ने की थी हत्या की प्लानिंग, अमेरिका को लगी भनक, कैसे बचे ईरानी नेता? हुआ खुलासा!

By अभिनय आकाश | Jul 04, 2026

सियासत की बिसात पर मोहरे चाहे जितने भी बिछाए जाए लेकिन जब अमन का सौदा होता है तो जंगबाजों के हाथ कांपने लगते हैं। मध्य पूर्व यानी खाड़ी देशों से इस वक्त की जो सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। उसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। एक ऐसी खुफिया साजिश जो अगर कामयाब हो जाती तो आज आधी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की भीषण आग में जल रही होती। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से वो खूनी जंग छिड़ सकती थी जिसकी तबाही का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। शांति और अमन की तमाम कोशिशों को ऐसा गहरा झटका लगने वाला था जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं थी और यह सब तब होता जब इसराइल अपने खौफनाक मंसूबों में कामयाब हो जाता। इजराइल ने अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल ईरान के टॉप लीडर्स को रास्ते से हटाने का यानी सीधे-सीधे गेम से आउट करने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। मगर ऐन वक्त पर अमेरिका को इसराइल के इस सीक्रेट ऑपरेशन की भनक लग गई। 

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न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्ट में बेहद दिलचस्प दावा किया गया। जब कुछ वक्त पहले ईरान इसराइल युद्ध अपने पीक पर था तब अमेरिकी अधिकारी भी अरागची और गालिवाफ को अपना वैलिड मिलिट्री टारगेट यानी वैध सैन्य निशाना मानते थे। यानी अगर युद्ध के दौरान इसराइल इन्हें मार देता तो अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ता। मगर जैसे ही कूटनीति की मेज सजी अमेरिका का मन बदल गया। जैसे ही खाड़ी देशों में ईरान आक्रामक हुआ, उसने वाशिंगटन की नींद उड़ा दी। अमेरिका को समझ आ गया कि खाड़ी में उसका जो वजूद अब आखिरी सांसे गिन रहा है उसे बचाने के लिए इस बातचीत का रहना और इन दोनों सूत्रधारों का रहना कितना जरूरी है। बाद में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को भी पता चला कि गालिबाप इसराइल की हिट लिस्ट में थे और अमेरिकी प्रशासन ने इजराइल को साफ चेतावनी दी कि वह ऐसी किसी हिमाकत को अंजाम ना दे। इस पूरी इनसाइड स्टोरी का सबसे थ्रिलिंग और डराना हिस्सा अप्रैल के महीने में देखने को मिला जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डिवेंस पाकिस्तान के दौरे पर थे और इसी दौरान ईरान के स्पीकर गालिबाब भी बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे। इस यात्रा से पहले ही तेहरान घबरा गया था। 

ईरानी अधिकारियों ने कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी मांगी क्योंकि उन्हें डर था कि इसराइल इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा का फायदा उठाकर गालीवाफ को निशाना बना सकता है और हुआ भी यही जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विमान वापस लौट रहा था तो पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा के लिए उनके विमानों को स्कॉट किया। लेकिन वापसी के सफर के दौरान ईरानी खुफिया एजेंसियों के पास जो इनपुट आए उसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। खुफिया जानकारी मिली कि इसराइल के दो फाइटर जेट्स इराक के रास्ते पश्चिमी सीमा से ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस चुके हैं और वे इसी वीआईपी विमान को हवा में उड़ाने के फिराक में थे। मौत का खतरा इतना करीब था कि ईरानी विमान को तुरंत मशाद शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद गालीफाफ और उनके प्रतिनिधिमंडल को सड़क के रास्ते भारी सुरक्षा के बीच तेहरान ले जाया गया। हालांकि अमेरिका इस बात को अब जानने लगा है कि ईरान कितना शक्तिशाली है और ईरान ने ऐसे ऐसे कौन से हथियार छुपा रखे हैं जो दुनिया को तो नहीं पता लेकिन जंग के बीच वो कुछ यूं निकालता है कि वाशिंगटन की नींदें हराम हो जाती हैं। 

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