By अभिनय आकाश | Apr 23, 2026
ठीक एक बरस पहले पाकिस्तान ने कश्मीर में घूमने आए 26 हिंदुओं को पहलगाम में मरवा दिया था। संयोग की बात देखिए कि इजराइल वो पहला देश बन गया है जिसने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 निर्दोष हिंदुओं को याद किया। वैसे आपको बता दें कि इजराइल ही वो देश था जिसने 1 साल पहले भी आतंकी हमला होते ही भारत को लेकर एक ऐसी बात कही थी जिसे कहने की हिम्मत उस समय किसी देश ने नहीं दिखाई थी। 1 साल पहले पहलगाम आतंकी हमले के कुछ घंटों बाद ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने अपने ट्वीट में जो लिखा उसे लिखने के लिए शेर का जिगर चाहिए। दरअसल संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के लिए नियुक्त की गई विशेष दूत फ्रांसिस्का एल्बनीज ने नाराजगी में पूछा है कि भारत इजराइल की मदद क्यों करता है? यही सवाल भारत में बैठे वामपंथी और कट्टरपंथी भी पूछते रहते हैं। जब ईरान पर हमला हुआ तो भारत के कुछ लोग छाती पीट-पीट कर रोए। लेकिन एक साल पहले जब पहलगाम आतंकी हमले में हिंदुओं को मारा गया। तो कुछ कश्मीरियों को लगा कि उनका बिजनेस चौपट ना हो जाए तो चार कश्मीरी दिखावा करने के लिए मोमबत्ती लेकर आ गए। उनमें भी एक पीछे बैठकर हंस रहा था।
जिस वक्त बाकी दुनिया के देश नफा नुकसान देख रहे थे। अपने बयानों को सोच समझ कर लिख रहे थे। आतंकियों को आतंकी कहें या शूटर्स कहें इस पर निर्णय ले रहे थे। उसी दौरान इजराइल ने कह दिया था कि भारत जो एक्शन लेगा हम भारत के साथ खड़े रहेंगे। इजराइल ने यह सब कुछ ऑपरेशन सिंदूर से पहले कहा था और मजे की बात देखिए कि ऑपरेशन सिंदूर में इजराइल ने भारत की खूब मदद की। संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन का एजेंडा चलाने वाली फ्रांसिस्का एल्बनीज को पता होना चाहिए कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद फिलिस्तीन की सरकार ने क्या बयान दिया था। जब कश्मीर में आतंकियों ने हिंदुओं का नाम पूछ-पूछ कर मारा।