डेयरी किसान बनने के लिए जम्मू के युवा ने कॉर्पोरेट नौकरी को कहा Bye Bye

By अनुराग गुप्ता | Feb 01, 2022

श्रीनगर। नौकरियां छोड़ अपने सपनों को साकार करने के लिए लोग नए-नए आइडियाज के साथ स्टार्टअप शुरू करते हैं। जिसमें उन्हें सफलता भी मिलती है तो कुछ लोगों को सीख भी। निराशा जैसा कोई शब्द नहीं होता है। ठीक ऐसे ही जम्मू के एक आईटी पेशेवर ने डेयरी फार्मिंग के लिए अपना जीवन समर्पित करते हुए नौकरी को टाटा, बाय बाय कह दिया और अपना पूरा ध्यान डेयरी फार्मिंग में लगा दिया। 

प्रभासाक्षी के संवाददाता के साथ बातचीत में अबीनेश खजुरिया ने बताया कि मैंने अधिक दूध देने वाली गायें खरीदीं और सरकार से 50 फीसदी सब्सिडी पर आधुनिक स्वचालित दूध इकट्ठा करने वाली मशीनों इत्यादि का इस्तेमाल किया। वहीं डेयरी फार्मिंग कर रहे अबीनेश के पिता कुलभूषण को अपने बेटे पर गर्व है। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा अपने आईटी वेतन से कहीं अधिक कमा रहा है। वह अच्छा कर रहे हैं और युवाओं को खेती को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके अलावा वह अन्य डेयरी किसानों को एक साथ लाने और रोजगार पैदा करने के लिए एक सहकारी समिति शुरू करने की योजना बना रहा है। 

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क्या है डेयरी फार्मिंग ?

हमारे देश में तकरीबन हर घर में दूध या फिर दूध से बने पदार्थों का सेवन होता है। ऐसे में डेयरी फार्मिंग व्यापार के माध्यम से अच्छे पैसे कमाए जा सकते हैं। डेयरी फार्मिंग के लिए गाय, भैंस इत्यादि के माध्यम से दूध एकत्रित किया जाता है और फिर उसे पनीर, दही, घी, मक्खन, मिठाई इत्यादि की शक्ल में बाजार में बेचा जाता है। इसके अतिरिक्त गाय के गोबर का उपयोग कर गोबर गैस बना जा सकती है। इसके अलावा खाद के रूप में भी गोबर का प्रयोग कर पैसे कमाए जा सकते हैं।

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