By अभिनय आकाश | Oct 06, 2026
पूरी दुनिया में इस समय एनर्जी और क्रूड ऑयल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। मिडिल ईस्ट में तनाव, लाल सागर में संकट और शिपिंग रूट्स पर अनिश्चितता के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। भारत ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सचमुच एक डबल जैकपॉट हासिल कर लिया है। जैकपॉट नंबर एक भारत की दिग्गज कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन यानी आईओसी ने इराक से क्रूड ऑयल पर प्रति बैरल $32 तक का भारी डिस्काउंट हासिल किया है। जैकपॉट नंबर दो अमेरिका और चीन के एक फैसले के चलते यूरोप में डीजल का भारी संकट खड़ा हो गया है। यूरोपीय यूनियन को डीजल सप्लाई करने वाला भारत सबसे बड़ा और भरोसेमंद सप्लायर बन चुका है । वो भी प्रीमियम मार्जिन पर। सस्ते में कच्चा तेल खरीदो। अपनी हाईटेक रिफाइनरी में उसे रिफाइन करो और यूरोप को प्रीमियम पर डीजल बेचो।
यूरोप आज डीजल की भारी किल्लत से जूझ रहा है। इसके मुख्य कारण है। पहला है रूस पर प्रतिबंध और हमले। जी हां, रूस दुनिया का एक प्रमुख डीजल निर्यातक था। लेकिन युद्ध और हमलों के कारण उसकी रिफाइनिंग और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। दूसरा पॉइंट है चीन का एक्सपोर्ट बैन। जी हां, चीन ने अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए फ्यूल एक्सपोर्ट पर सख्त बंदिश लगा दी है। तीसरा है अमेरिका की नई नीतियां। अमेरिका में भी घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने और एक्सपोर्ट्स को नियंत्रित करने के प्रस्ताव सामने आए हैं। दूसरी तरफ यूरोप की खुद की रिफाइनिंग क्षमता पिछले दो दशकों में काफी घटी है। लेकिन उनके टैंकों, कृषि उपकरणों और ट्रांसपोर्ट्स और उद्योगों को चलाने के लिए डीजल कोई विलासता नहीं बल्कि जीवन रेखा है। यहीं पर भारत की एंट्री होती है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश है। जामनगर से लेकर पारादीप तक हर रिफाइनीस तकनीकी रूप से दुनिया की सबसे एडवांस रिफाइनी में गिनी जाती है जो किसी भी ग्रेड के कच्चे तेल को प्रीमियम क्वालिटी के डीजल और एिएशन फ्यूल में बदल सकती है। जब यूरोप के सामने विकल्प की कमी हुई तो भारत उनके लिए सबसे भरोसेमंद जीवनदाता बनकर उभरा। यूरोप का जहां से भी डीजल मिल रहा है वो इसके लिए प्रीमियम चुकाने को तैयार है और इस अवसर को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने भी एक बेहद सटीक रणनीतिक कदम उठाया।