जग्गी हत्याकांड, 20 साल बाद पूर्व CM के बेटे को उम्रकैद की सजा

By अभिनय आकाश | Apr 06, 2026

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को हाई-प्रोफाइल जग्गी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले उन्हें बरी किए जाने का फैसला पलट गया है और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मच गई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष जोगी को निचली अदालत द्वारा 2007 में दी गई क्लीन चिट कानूनी रूप से गलत थी।

यह मामला 4 जून, 2003 का है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और विद्याचरण शुक्ला के करीबी सहयोगी रामावतार जग्गी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे एक बड़ा राजनीतिक बवाल मच गया था। पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था, और 2007 में रायपुर की एक अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जग्गी को बरी करते हुए उनमें से 28 को दोषी ठहराया था। जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कानूनी लड़ाई जारी रखी और अंततः मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक ले गए, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने मामले को फिर से खोल दिया।

इसे भी पढ़ें: Liquor Policy Case: Arvind Kejriwal खुद करेंगे अपनी पैरवी, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग

अमित जग्गी के साथ-साथ, अदालत ने याह्या ढेबर, अभय गोयल, फिरोज सिद्दीकी, वीके पांडे और चिमन सिंह सहित अन्य आरोपियों की सजा को भी बरकरार रखा। अमित जग्गी की कानूनी टीम ने पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर दी है, जो आगे की संभावित कार्यवाही का संकेत देती है। आरोपियों को पिछले सप्ताह दोषी ठहराया गया और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने आत्मसमर्पण का निर्देश जारी किया। अमित जोगी ने उच्च न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि उन्हें पहले बरी कर दिया गया था और अब बिना अपना पक्ष रखने का मौका दिए दोषी ठहरा दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में न्याय करेगा। प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों, आज माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे सुनवाई का मौका दिए बिना, मात्र 40 मिनट में सीबीआई की मेरे खिलाफ अपील स्वीकार कर ली। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने बरी कर दिया था, उसे अब बिना सुनवाई का एक भी मौका दिए दोषी घोषित कर दिया गया है।

प्रमुख खबरें

Raghav Chadha का किताब से Kejriwal पर निशाना? लिखा- Never Outshine The Master

Kerala UDF: Congress के UDF के लिए करो या मरो की जंग, क्या खत्म होगा 10 साल का सत्ता वनवास

West Bengal Elections: नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप, सत्ताविरोधी लहर की चुनौती, ममता बनर्जी के चौका लगाने की कोशिश को बाउंड्री लाइन पर कैच कर बीजेपी कर देगी सत्ता से आउट?

Jorhat Assembly Seat: जोरहाट में Gaurav Gogoi का नया चेहरा या Hitendra Nath के अनुभव पर फिर भरोसा