By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 01, 2026
नयी दिल्ली, एक सितंबर जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) का 20वां संस्करण अगले वर्ष 14 से 18 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव गत दो दशकों से साहित्यिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक संवाद और बहुभाषी किस्सागोई का मंच रहा है।
वहीं, डिजिटल मंच, प्रसारण साझेदारी और मीडिया नेटवर्क के जरिए एक अरब से अधिक लोगों तक इसकी पहुंच बनी है। पिछले दो दशकों में, इस महोत्सव ने साहित्य, इतिहास, राजनीति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शन, कला, लैंगिक अध्ययन, स्वास्थ्य, प्रवास और पर्यावरण जैसे विषयों पर संवाद के लिए मंच प्रदान किया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच भी बढ़ी है और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व, मालदीव और आयरलैंड जैसे देशों में इसके 15 से अधिक संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं।
इस साहित्य महोत्सव में नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता, राष्ट्राध्यक्ष, अर्थशास्त्री, दार्शनिक, कलाकार और साहित्य, संस्कृति व सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुई हैं। आयोजकों के मुताबिक महोत्सव ने भारत की भाषाई विविधता और कई भाषाओं में किस्सागोई की कला को भी प्रमुखता से मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इसने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में लोगों की आवाज को बुलंद किया है और अनुवाद तथा भाषाओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है।
आयोजकों ने बताया कि जयपुर साहित्य महोत्सव को उसकी 20वीं सालगिरह के जश्न के हिस्से के तौर पर भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में एक साथ आयोजित किया जाएगा। जयपुर साहित्य महोत्सव की सह निदेशक और पुरस्कार विजेता लेखिका नमिता गोखले ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत की आत्मा उसकी साहित्यिक विरासत और भाषाई विविधता में बसी है। यह उचित है कि हम अपनी ‘स्वर्णमाला’’श्रृंखला के ज़रिए भारत की कई भाषाओं को सम्मान देते हुए अपना 20वां साल मनाएं।’’ टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक और महोत्सव के निर्माता संजय के. रॉय ने कहा कि यह महोत्सव इस सोच पर आधारित है कि किताबों और विचारों में लोगों को एक साथ लाने की ताकत होती है।
टीमवर्क आर्ट्स की अध्यक्ष प्रीता सिंह ने कहा कि यह महोत्सव किताबों, विचारों और सार्थक बातचीत से जुड़े रहते हुए एक प्रमुख साहित्यिक और सांस्कृतिक मंच बन गया है।