पहले हंसे, फिर पिया पानी और ऐसे अमेरिका-यूरोप को डुबो आए जयशंकर, हिले सारे पत्रकार

By अभिनय आकाश | Jun 13, 2026

पश्चिमी देशों को जिस तरह से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आईना दिखाते हैं, उसकी तारीफ तो पाकिस्तान जैसा दुश्मन देश भी करता है। एक बार फिर विदेशी षड्यंत्र भारत के खिलाफ रचा गया। लेकिन जब विदेशी लोग यही षड्यंत्र भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर के सामने चलाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें तर्क के साथ जोरदार तमाचा भी मिलता है। कोई भी कार्यक्रम में अगर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से किसी देश के बारे में पूछ लिया जाए और विदेश मंत्री ऐसे हंसे तो यह समझ लीजिए कि उस देश की शामत आने वाली है। इस बार बारी यूरोप की थी। यूरोपीय देशों और उनकी मीडिया के पाखंड को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कुछ ही सेकंड के अंदर बहुत बुरी तरह से धराशाई कर दिया। जिसके बाद यूरोप अपनी यह गलती शायद ही फिर कभी दोहराने की हिम्मत दिखा पाए। 

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उन्होंने कहा कि वर्षों तक भारत मिडिल ईस्ट से तेल खरीदता रहा। लेकिन रूस यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप ने खुद मिडिल ईस्ट का तेल खरीदना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से बाजार में बता दें कि रूसी तेल बड़ी मात्रा में उपलब्ध होने लगा। यानी जिस बात के लिए यहां पर यूरोप भारत को घेरने की कोशिश में लगा हुआ था। भारत को घेरना चाह रहा था, उसकी वजह खुद यूरोप ही निकला। लेकिन असली कहानी और असली झटका भी बाकी था। क्योंकि इसके बाद बता दें कि पत्रकार ने नैतिकता की बात यहां पर डॉ. एस जयशंकर के सामने छेड़ दी। और यहीं पर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ऐसा जवाब दिया जिसने यूरोप की पूरी नैतिकता को ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। जयशंकर ने कहा कि किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला कभी भी नहीं हुआ है। काश मैं यह कह पाता कि यूरोपीय हथियारों से भारत पर कभी हमला नहीं हुआ। लेकिन सच्चाई जो है वो ठीक इससे उलट है। दशकों से ऐसे हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते रहे हैं जिन्हें यूरोपीय देशों ने बेचा था। डॉ. एस जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए पाकिस्तान को यहां पर लताड़ भी लगा दी, घेर लिया। 

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यहां बता दें कि जैसे ही विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यह याद दिलाया कि यूरोप से कौन-कौन से देश हथियार लेते हैं और वह भारत के खिलाफ किस तरीके से इस्तेमाल होते हैं तो यह सुनते ही पत्रकार ने बीच में टोकना शुरू कर दिया और यह कहा कि आप आखिर कहना क्या चाहते हैं? साफ शब्दों में कहिए। तब एस जयशंकर ने और भी ज्यादा साफ शब्दों में यह कहा कि भारत पर हमला करने वाले देशों के पास यूरोपीय हथियार रहे हैं और वह भी वर्षों से। लेकिन भारत ने कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे यूरोप की सुरक्षा को खतरा पहुंचे। बस इतना ही कहा डॉ. एस जयशंकर ने और पूरा खेल पलट गया। जो लोग भारत से जवाब मांगने आए थे अचानक खुद ही जवाब देने की स्थिति में आ गए और यही वजह है कि फिनलैंड की धरती पर कुछ ही सेकंड के अंदर यूरोप का यह जो पूरा नरेटिव गड़ा गया वो डहता हुआ दिखाई दिया। 

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