By अभिनय आकाश | Jul 18, 2025
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के अमेरिकी सरकार के फैसले का स्वागत किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) इकाई घोषित किया है, जिसने जम्मू-कश्मीर में घातक पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन को प्रतिबंधित घोषित करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की विशेष रूप से सराहना की। विदेश मंत्री ने कहा, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मुखौटा संगठन टीआरएफ को वैश्विक आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से प्रतिबंधित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित करने के लिए विदेश मंत्री मार्को रूबियो और अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सराहना करता हूं। इस संगठन ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी।
इस संगठन ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह टीआरएफ को प्रतिबंधित वैश्विक आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से प्रतिबंधित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) की सूची में शामिल कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। टीआरएफ ने भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हमलों की भी जिम्मेदारी ली है, जिसमें हाल में 2024 में हुआ हमला भी शामिल है।