By नीरज कुमार दुबे | Aug 17, 2026
जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उस पर चुनावी वादे पूरे न करने तथा बेरोजगारी एवं विकास से जुड़े मुद्दों का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाया। हाथों में तख्तियां एवं पार्टी के झंडे लिए भाजपा कार्यकर्ता डोगरा चौक, महेशपुरा और पनतर्थी में एकत्र हुए और अलग-अलग समूहों में शालीमार रोड होते हुए सिविल सचिवालय की ओर मार्च किया। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व सत शर्मा, सांसद जुगल किशोर शर्मा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने किया। इस दौरान नेकां-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ नारे लगाए गए। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे की मांग की और सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार तथा शासन में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।
जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा, ‘‘हजारों भाजपा कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और आम लोग नेकां के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सड़कों पर हैं। लंबे अंतराल के बाद चुनाव हुए और नेशनल कॉन्फ्रेंस कई वादे करके सत्ता में आई। लेकिन अब जब वास्तव में काम करने का समय है तो वे लोगों को गुमराह करने के लिए बार-बार राज्य के दर्जे का मुद्दा उठा रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की उम्मीदें पूरी करने में विफल रही है और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राज्य के दर्जे के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है।
सत शर्मा ने कहा कि सरकार जानती है कि जनता उससे सवाल करेगी और उसने नगरोटा तथा बडगाम में हुए उपचुनावों के परिणाम देख लिए हैं। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस को ‘‘पूरी तरह विफल राजनीतिक दल’’ करार दिया और कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि सरकार प्रभावी ढंग से काम करे और पार्टी रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो भाजपा अपना आंदोलन और तेज करेगी तथा भविष्य में जिला, शहर और स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने आरोप लगाया कि नेकां के नेतृत्व वाली सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं से निपटने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद सरकार उचित सड़कों, बिजली और पेयजल सहित पर्याप्त नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेकां सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है और उससे अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भी नेकां सरकार पर तीखा हमला बोला और उस पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता तथा खराब शासन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुरू में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार की लगातार विफलताओं के कारण पार्टी को अपनी लड़ाई सड़कों पर उतारने के लिए मजबूर होना पड़ा।