By अभिनय आकाश | Feb 13, 2026
जापान और चीन के बीच तनाव बढ़ता चला जा रहा है। अब जापान भी चीन के खिलाफ एक्शन लेने के मूड में है। तभी तो साल 2022 के बाद अब जापान ने कुछ ऐसा किया है जिससे चीन को मिर्ची लगनी तय है। जापानी अधिकारियों ने दक्षिण पश्चिम जापान के नागासाकी के पास अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी कि एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में एक चीनी मछली पकड़ने वाले नाव को जब्त कर लिया। उसके कप्तान को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि नाव ने जापानी निरीक्षण टीम के आदेशों की अनदेखी कर भागने की कोशिश की। यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान और चीन के बीच पहले से ही एक बड़ा कूटनीतिक विवाद चल रहा है।
जापान की फिशरी एजेंसी ने इस बयान को जारी करते हुए बताया कि 12 फरवरी की दोपहर के आसपास नागासाकी प्रीफेक्चर के गोतो द्वीप समूह के पास मेशिमा द्वीप से लगभग 89.4 नॉटिकल मील यानी कि करीब 165 कि.मी. दक्षिण पश्चिम में स्थित जापान की ईजेड में चीनी नाव क्यू ओंग डोंग यू 111998 को देखा गया। यह एक ट्रोलर प्रकार की मछली पकड़ने वाली नाव थी जिसमें जाले लगे हुए थे। फिश एजेंसी के पेट्रोल जहाज होकआ मारो ने नाव को रोकने और बोट पर निरीक्षण की
अनुमति देने का आदेश दिया। लेकिन कप्तान ने आदेश की अवहेलना की और नाव भगाने लगा। इसके बाद जापानी अधिकारियों ने नाव को जब्त कर लिया और उसके 47 वर्षीय चीनी कप्तान को भी गिरफ्तार किया गया।
नाव पर कुल 11 चालक दल के सदस्य थे जिनमें से कप्तान को हिरासत में लिया गया। बाकी सदस्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मीनारू केरा ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में इस घटना की पुष्टि की है और इस पर बयान भी दिया है। सुस सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब से ताइवान के मामले में जापान और चीन की टकराहट बढ़ी है। जापान ने वापस से परमाणु कार्यक्रम की तरफ कदम उठाने पर जोर दिया है। उसके बाद से ही यह तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में साल 2022 के बाद पहली बार जापान ने चीनी मछली पकड़ने वाली नाव को जब्त कर लिया। हाल के वर्षों में जापान ने दक्षिण कोरिया और ताइवान की नाव को भी इसी तरह जब्त किया है।