By रेनू तिवारी | Feb 16, 2026
जापान की अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2025 के समापन पर मिश्रित संकेत दिए हैं। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक जापान ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में वार्षिक आधार पर मात्र 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि यह वृद्धि दर बहुत मामूली है, लेकिन इसने देश को 'तकनीकी मंदी' (Technical Recession) के जाल में फंसने से बचा लिया है।
चूंकि अर्थव्यवस्था ने पिछली तिमाही में फिर से वृद्धि दर्ज की इसलिए देश तकनीकी मंदी से बाल-बाल बच गया। लगातार दो तिमाहियों में संकुचन से तकनीकी मंदी की स्थिति उत्पन्न होती है। मंत्रिमंडल कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर में तिमाही आधार पर अर्थव्यवस्था में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 2025 की 1.1 प्रतिशत की वृद्धि 2022 के बाद सबसे अधिक है जब जापान कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण हुए व्यवधानों से उबर रहा था।
भले ही अंतिम तिमाही सुस्त रही हो, लेकिन पूरे वर्ष 2025 के लिए जापान की कुल वृद्धि दर 1.1 प्रतिशत रही। यह 2022 के बाद से जापान की सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि दर है। 2022 में जापान कोविड-19 महामारी के कारण हुए आर्थिक व्यवधानों से उबरने की कोशिश कर रहा था।
जापान के मंत्रिमंडल कार्यालय (Cabinet Office) की रिपोर्ट के अनुसार, निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था में बहुत तेज उछाल की उम्मीद नहीं है। सरकार का अनुमान है कि आने वाले समय में जापानी अर्थव्यवस्था औसतन 0.6 प्रतिशत की धीमी लेकिन स्थिर दर से आगे बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जापान के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने निर्यात को फिर से पटरी पर लाना और घरेलू उपभोग को लंबे समय तक बनाए रखना होगा, ताकि आर्थिक रिकवरी को मजबूती मिल सके।