Jared Kushner ने यरूशलम में Benjamin Netanyahu से 3 घंटे तक गाजा युद्धविराम पर चर्चा की

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026

पश्चिम एशिया संघर्ष के वार्ताकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कुछ दिन पहले गाजा में युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका समर्थित 15-सूत्रीय समझौते को खारिज कर दिया था। सोमवार को यह बैठक करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली।

हमास का कहना है कि उसने इस मसौदा को स्वीकार कर लिया है, जिसमें हथियार छोड़ने का प्रावधान भी शामिल है। संगठन मध्यस्थों और अमेरिका द्वारा बनाए गए ‘शांति बोर्ड’ से इजराइल को इस योजना पर सहमत होने के लिए मजबूर करने की अपील कर रहा है। लेकिन इजराइल का कहना है कि इसके तहत उसे धीरे-धीरे गाजा से पीछे हटना होगा, जबकि हमास को किसी भी इजराइली वापसी से पहले पूरी तरह हथियार त्यागना पड़ेगा।

इजराइली सैनिक वर्तमान में गाजा पट्टी के करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा किए हुए हैं। नेतन्याहू पहले भी गाजा के और बड़े हिस्से पर नियंत्रण करने की धमकी दे चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ‘शांति बोर्ड’ के निदेशक निकोलाय म्लादेनोव भी नेतन्याहू के साथ हुई बैठक में मौजूद थे।

इजरायल ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। हमास के साथ कुशनर की बातचीत के बाद हुई बैठक रविवार को कुशनर ने काहिरा में हमास प्रमुख खलील अल-हय्या से मुलाकात की। क्षेत्रीय अधिकारी और हमास के एक अधिकारी के अनुसार बैठक में, हमास के हथियार छोड़ने के मुद्दे पर चर्चा हुई।

मिस्र, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। हमास के अधिकारी के अनुसार, हमास नेता ने मांग की कि इजराइल गाजा पर अपने हमले रोके और समझौते के क्रियान्वयन की शुरुआत से पहले तथाकथित ‘येलो लाइन’ तक अपनी सेना वापस बुलाए। येलो लाइन की सटीक सीमा कभी स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं की गई।

इजराइली सेना इसके आगे बढ़ चुकी है और अब गाजा के करीब 60 प्रतिशत हिस्से पर उसका नियंत्रण है। मई में नेतन्याहू ने कहा था कि अगला कदम गाजा के 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करना होगा और इजराइल हर दिशा से हमास पर अपनी पकड़ मजबूत करेगा। क्षेत्रीय देशों ने इजरायल पर बढ़ाया दबाव सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई क्षेत्रीय शक्तियों ने रविवार को एक बयान जारी कर इजराइल द्वारा समझौते के मसौदा को खारिज किए जाने की निंदा की।

बयान में कहा गया कि ‘‘गाजा में शांति लाने के प्रयासों में बाधा डालने की जिम्मेदारी अब इजराइल की है।’’ इस बयान पर जॉर्डन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और युद्धविराम के मध्यस्थ देशों ने भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रियों के बयान में ‘शांति बोर्ड’ और अमेरिका से ‘‘तत्काल और ठोस कदम’’ उठाने की मांग की गई, ताकि कोई भी पक्ष इस योजना के क्रियान्वयन में बाधा न डाल सके। इजराइल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

व्हाइट हाउस ने कुशनर की बैठकों से जुड़े सवालों को ‘शांति बोर्ड’ के हवाले कर दिया। बोर्ड ने भी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट ने भी फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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