Jayant Chaudhary बोले: तकनीक बदलेगी काम के साधन, लेकिन स्वतंत्र सोच और ईमानदारी रहेगी जरूरी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2026

केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी काम करने के तरीकों एवं साधनों को बदलती रहेगी, लेकिन मनुष्य की स्वतंत्र सोच, निर्णय क्षमता और ईमानदारी का महत्व बना रहेगा। चौधरी ने भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) के छात्र सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते हुए यह बात कही। इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत के लिए जेन-जी को तैयार करना’ था।

उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ लागत दक्षता, संसाधनों का बेहतर उपयोग और टिकाऊ कारोबारी तौर-तरीके और महत्वपूर्ण हो जाएंगे।’’ वर्ष 1944 में स्थापित आईसीएमएआई के दुनिया भर में छह लाख से अधिक विद्यार्थी और एक लाख योग्य पेशेवर हैं। संस्थान की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद की तरफ से आयोजित सम्मेलन में 700 से अधिक सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। चौधरी ने कहा कि आईसीएमएआई ने दशकों से भारत में लागत एवं प्रबंधन लेखांकन का पेशा विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।

इसका योगदान वित्तीय विश्लेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कारोबार क्षेत्रों को वित्तीय संरचना के बारे में बेहतर निर्णय लेने, दक्षता बढ़ाने और दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने में भी मदद करता है। सम्मेलन में परिषद के अध्यक्ष मनीष कंडपाल ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब युवाओं को कौशल से लैस कर रोजगार के योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से देश के विकास में लगाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

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