H-1B Visa धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहने पर JD Vance ने दी सफाई, जानिए क्या कहा

By एकता | Oct 20, 2026

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहे जाने पर हुए विवाद के बीच सफाई दी है। वेंस ने कहा कि उनकी बात विदेशी कर्मचारियों के खिलाफ नहीं थी। उनका निशाना उन अमेरिकी कंपनियों पर था, जो विदेशी कर्मचारियों का गलत फायदा उठाती हैं। वेंस ने अपनी पत्नी उषा वेंस की भारतीय पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया और ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों का बचाव किया।

इस पर वेंस ने माना कि इस मुद्दे पर उनके शब्द शायद पूरी तरह सही नहीं थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका मकसद विदेशी कर्मचारियों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि उन कंपनियों की गलत नीतियों पर सवाल उठाना था।

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पत्नी उषा के भारतीय परिवार का दिया उदाहरण

वेंस ने कहा कि जब वह ‘बंधुआ मजदूर’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो उनका मतलब कर्मचारियों से नहीं होता। वह उन कंपनियों की बात कर रहे हैं, जो इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाती हैं। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सास और ससुर दक्षिण भारत से अमेरिका आए थे। उनकी बेटी अमेरिका में पैदा हुई और वहीं पली-बढ़ी। आज वह अमेरिका की सेकंड लेडी हैं और वेंस ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी उषा पर बहुत गर्व है।

वेंस ने कहा कि वह ऐसा इमिग्रेशन सिस्टम चाहते हैं, जिसमें हुनरमंद लोगों का स्वागत हो और साथ ही अमेरिकी कामगारों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।

कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों का गलत फायदा उठाने का आरोप

वेंस ने आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी कंपनियां पहले अपने स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देती हैं और फिर उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों को कम वेतन या कम सुविधाओं पर नौकरी देती हैं।

उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा पर अमेरिका आए कर्मचारी कई मामलों में अपनी कंपनी पर बहुत ज्यादा निर्भर होते हैं। अगर वह कंपनी के किसी गलत फैसले का विरोध करते हैं, तो उनके सामने नौकरी जाने के साथ-साथ अमेरिका छोड़ने का खतरा भी रहता है।

वेंस ने कहा कि मौजूदा वीजा नियम कंपनियों को बहुत ज्यादा ताकत देते हैं। इससे विदेशी कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करना आसान हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत ज्यादा तेजी से होने वाला इमिग्रेशन स्थानीय समाज और लोगों की जिंदगी पर भी असर डाल सकता है।

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क्या है एच-1बी वीजा विवाद?

यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड दिलाने वाले एक कार्यक्रम से कई कंपनियों को हटा दिया। इनमें कुछ बड़ी भारतीय आईटी कंपनियां भी शामिल थीं।

अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए नौकरियों के मौके कम हो रहे हैं। इसी दौरान जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा धारकों को ‘बंधुआ मजदूर’ और इन कर्मचारियों को रखने वाली कंपनियों को ‘वीजा मिल’ कहा था।

एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को तकनीकी और दूसरे खास क्षेत्रों में विदेशी लोगों को नौकरी देने की सुविधा देता है। इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय पेशेवरों को मिलता है। हर साल मंजूर होने वाले कुल एच-1बी आवेदनों में भारतीयों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा रहती है।

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