श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने फिर उठाई आवाज, विधानसभा में नियम 52 के तहत चर्चा की माँग

By दिनेश शुक्ल | Mar 03, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व मंत्री व राऊ विधानसभा से विधायक जीतू पटवारी ने श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की इकाई 3 और 4 के टरबाईन खराब होने के कारण हुए नुकसान को लेकर सदन में तारांकित प्रश्न के रूप में सवाल उठाए गए थे। इसको लेकर उन्होंने इस मुद्दे पर शिवराज सरकार की तरफ से आधा अधूरा जबाब देने और जानकारी छिपाए जाने के आरोप लगाया है। जिसको लेकर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से नियम 52 के तहत सदन में श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में हुई अनियमितता, धन की हानि और अधिकारीयों की लापरवाही सहित निजी बिजली कंपनीयों से सरकार द्वारा खरीदी गई बिजली में हुए भारी भ्रष्ट्राचार को लेकर आधे घंटे की चर्चा की माँग की है। जिसका समर्थन सदन के माननीय विधायक कुणाल चौधरी और विशाल जगदीश पटेल ने किया है।

इसे भी पढ़ें: नाबालिग लड़की के साथ परिचित युवक ने खंडहर में बंधक बनाकर किया बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि बिजली के क्षेत्र में सरकार, अधिकारियों और निजी कंपनीयों की मिलीभगत के चलते यह घोटाला हुआ है। इसके पीछे प्राइवेट कंपनीयों से बिजली खरीदी के लिए सिंगाजी पॉवर प्लांट को बंद करवाया गया। जीतू पटवारी ने प्रश्न किया कि सिंगाजी पॉवर प्लांट कब चालू होगा और जो प्रति माह 3 हजार करोड़ रूपए की बिजली बनती और बिकती उसका घाटा सरकार किससे वसूलेगी इसकी जिम्मेदारी किसकी है। क्या 3 लाख घंटे की गारंटी वाला टरबाईन 30 हजार घंटे भी नहीं चला और पीजी गारंटी टेस्ट क्यों नहीं हुआ इसके लिए सरकार किस अधिकारी को जिम्मेदार मानकर निलंबित करेगी। जीतू पटवारी ने कह कि क्या शिवराज सरकार जब तक यह प्लांट चालू नहीं होता इसके मूल्यांकन का काम करेगी और इसे लेकर सरकार की आगें की क्या कार्य योजना है।

इसे भी पढ़ें: आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की नींव रखेगा प्रदेश सरकार का बजट- विष्णुदत्त शर्मा

पूर्व मंत्री व विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने निमय 52 के तहत विधानसभा अध्यक्ष से सदन में श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के दीर्घकालिक बंद होने, सटडाउन के लिए निर्माता तथा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और इस सटडाउन से कुल हानि के विषय पर आधे घंटे की चर्चा के लिए समय मांगा है। क्योंकि मेरे द्वारा तांरांकित प्रश्न के जबाब में सरकार की तरफ से जो जबाब आया है उसमें अपूर्ण था और इसमें कई तथ्यों को सरकार की तरफ से छिपाया गया है। लॉकडाउन के नाम पर तीन महिने अप्रैल 2020 से जून 2020 तक बंद रहा। जिससे प्रदेश को हर माह 1320 मेगावाट बिजली की मात्रा नहीं मिली और सरकार ने इसके चलते सरकार ने कई गुना मंहगी दरों पर बिजली की खरीदी की। उन्होंने नियम 52 के तहत चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को लिखा कि प्रश्न लगाने के बाद 03 फरवरी 2021 को जाँच समिति का गठन किया गया जो घटनाक्रम पर गंभीर संकाओं को जन्म देता है।

प्रमुख खबरें

Nepal Floods में 130 से ज्यादा भारतीय लापता, फंसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी

Allahabad High Court ने RTE Act के तहत 5 साल के स्कूलवार दाखिलों की रिपोर्ट मांगी

Nepal Flood के खतरे से Bihar और UP में High Alert, राहत दल तैनात किए गए

R Praggnanandhaa को Grand Chess Tour में मिली हार, Caruana ने बनाई 6 अंक की बढ़त