By Neha Mehta | Feb 09, 2026
जेफ्री एपस्टीन भले ही न्यूयॉर्क की जेल में मर चुका है, लेकिन उसकी मौत के सालों बाद भी उसके बारे में ऐसी बातें सामने आ रही हैं जिन्हें सुनकर सिर चकरा जाए। एपस्टीन सिर्फ एक बदनाम फाइनेंसर नहीं था, बल्कि उसका एक बेहद अजीब और डरावना सपना था—'सुपर ह्यूमन्स' यानी खास तरह के इंसान पैदा करना।
2019 की एक न्यूयॉर्क टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन चाहता था कि उसके न्यू मैक्सिको वाले विशाल 'ज़ोरो रेंच' (Zorro Ranch) का इस्तेमाल महिलाओं को प्रेग्नेंट करने के लिए किया जाए। उसका मकसद था कि वहां उसके स्पर्म के जरिए बच्चे पैदा हों और पूरी दुनिया में उसका DNA फैल जाए।
नासा (NASA) के एक वैज्ञानिक ने बताया कि एपस्टीन का प्लान एक बार में कम से कम 20 महिलाओं को प्रेग्नेंट रखने का था। रिपोर्ट कहती है कि एपस्टीन के अमीर दोस्तों और वैज्ञानिकों के ग्रुप में यह कोई छिपी हुई बात नहीं थी। उसने कई बार अपनी पार्टियों और मीटिंग्स में इस बारे में खुलकर बात की थी।
एपस्टीन 'ट्रांसह्यूमनलिज्म' (Transhumanism) नाम की एक सोच से काफी प्रभावित था। वह विज्ञान के जरिए इंसानों को 'सुपीरियर' बनाना चाहता था। कई लोग इसे 'यूजेनिक्स' (Eugenics) की तरह देखते हैं, जिसमें चुनिंदा DNA के जरिए इंसानी नस्ल को बदलने की कोशिश की जाती है।
अपना ये सपना पूरा करने के लिए एपस्टीन ने दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों से नजदीकियां बढ़ाईं। इनमें जॉर्ज एम. चर्च जैसे नाम भी शामिल थे, जो जींस (genes) में बदलाव करके बेहतर इंसान बनाने की रिसर्च के लिए जाने जाते हैं।
हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि यह 'Baby Ranch' कभी हकीकत में शुरू हुआ, लेकिन उसके करीबियों का कहना है कि वह इस आइडिया को लेकर जुनून की हद तक गंभीर था।