By Ankit Jaiswal | Nov 05, 2026
त्योहारी मौसम में ग्राहकों की खरीदारी और महंगे गहनों की बढ़ती मांग का फायदा टाइटन कंपनी को मिला है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। 5 नवंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 114% बढ़कर 2,393 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 1,118 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस बार कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा। सीएनबीसी-आवाज के सर्वे में मुनाफा 1,460 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई थी।
इस दौरान कंपनी की कुल आय भी 14% बढ़कर 21,430 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 18,837 करोड़ रुपये थी। कंपनी के मुताबिक, दूसरी तिमाही में उसके कारोबार में अच्छी बढ़त रही और सभी प्रमुख क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, पिछले साल की मजबूत बिक्री और इस बार त्योहारों का बड़ा हिस्सा तीसरी तिमाही में पड़ने के बावजूद ग्राहकों की मांग अधिकतर समय बनी रही।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने कहा कि आभूषण कारोबार में नए डिजाइन और ग्राहकों के लिए आकर्षक योजनाओं को अच्छा जवाब मिला। अलग-अलग बाजारों और उम्र के ग्राहकों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि कंपनी के सभी कारोबारों की संयुक्त बिक्री में सालाना आधार पर 25% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी के कुल प्रदर्शन में सबसे बड़ी भूमिका आभूषण कारोबार की रही। इस क्षेत्र की आय 24% बढ़कर 17,495 करोड़ रुपये हो गई। भारत में आभूषण कारोबार से आय 21% बढ़कर 16,343 करोड़ रुपये रही। इसमें तनिष्क, मिया और ज़ाया की संयुक्त आय 20% बढ़कर 14,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कैरेटलेन ने 31% की बढ़त के साथ 1,408 करोड़ रुपये की आय दर्ज की। तिमाही के दौरान कंपनी ने भारत में 42 नए स्टोर खोले। इसके अलावा तनिष्क ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में भी अपना नया स्टोर शुरू किया।
विदेशी बाजारों में आभूषण कारोबार की आय 10% बढ़कर 1,152 करोड़ रुपये रही। तनिष्क, मिया और कैरेटलेन के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 41% की बढ़त दर्ज की गई और इसकी आय 788 करोड़ रुपये रही। वहीं, दमास के मुख्य कारोबार से 364 करोड़ रुपये की आय हुई।
घड़ियों के कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र की कुल आय 27% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये पहुंच गई। सामान्य घड़ियों की बिक्री में 30% से अधिक की बढ़त रही, जबकि स्मार्ट घड़ियों की बिक्री में भी दोबारा तेजी देखने को मिली। कंपनी ने इस दौरान 34 नए स्टोर जोड़े।
चश्मों के कारोबार की आय भी 28% बढ़कर 281 करोड़ रुपये हो गई। अजय चावला के मुताबिक, घड़ियों में बेहतर डिजाइन और महंगे उत्पादों पर ध्यान देने से फायदा मिला है। वहीं, चश्मों के कारोबार में ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने और कामकाज में सुधार से लगातार बढ़त बनी हुई है।
कंपनी के उभरते कारोबार में इर्थ और तनैरा जैसे ब्रांड शामिल हैं। इनकी कुल आय 21% बढ़कर 171 करोड़ रुपये रही, हालांकि इस क्षेत्र को 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। स्किन और फास्टट्रैक के इत्र कारोबार में बिक्री की गति मजबूत रही। इर्थ के महिला बैग की बिक्री में नए स्टोर और प्रति ग्राहक अधिक खरीदारी से फायदा हुआ। वहीं, तनैरा की बढ़त में पुराने स्टोरों का बेहतर प्रदर्शन अहम रहा।
गौरतलब है कि टाइटन का कारोबार केवल आभूषण और घड़ियों तक सीमित नहीं है। कंपनी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने ब्रांड और स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही है। मौजूदा नतीजे बताते हैं कि आभूषण कारोबार के साथ घड़ियों और चश्मों की मांग भी कंपनी की कुल आय और मुनाफे को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।