By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 18, 2026
स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों से तय होगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और रुपये-डॉलर की विनिमय दर पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। ‘दशहरा’ के अवसर पर मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘लगातार दो सप्ताह की बढ़त और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में मजबूत सुधार के बाद घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख बना है। हालांकि, इस तेजी को बरकरार रखना बाजार के लिए चुनौती होगी।
इस निर्गम से ऊपरी मूल्य स्तर पर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जाने की संभावना है, जिससे यह देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इसके तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों का सिलसिला तेज होने के साथ ही शेयर और क्षेत्र विशेष में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान जिंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इरेडा, इन्फोसिस, कोफोर्ज, क्रिसिल और स्विगी सहित कई कंपनियां आगामी सप्ताह अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपदा प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, सप्ताहांत में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के नतीजों के बाद बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की विशेष दिलचस्पी बनी रह सकती है।
एचडीएफसी बैंक ने सितंबर तिमाही में 5.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,700 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया है। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ 22.28 प्रतिशत बढ़कर 16,333.18 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13,357.06 करोड़ रुपये था। एक्सिस बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 39.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,704.67 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। बैंक के मुनाफे को मुख्य आय में बढ़ोतरी और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार से समर्थन मिला।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि वैश्विक बाजारों में अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इन कारकों का असर आयातित महंगाई, रुपये की विनिमय दर और कंपनियों की लाभप्रदता पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि हालिया तेजी की मजबूती का आकलन करने के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और मुद्रा बाजार के रुझानों पर भी करीबी नजर रखी जाएगी। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 625.7 अंक यानी 2.77 प्रतिशत मजबूत हुआ।