By नीरज कुमार दुबे | Feb 02, 2026
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 27 दिवसीय बजट सत्र आज से शुरू हो गया। ठंडे मौसम में विधानसभा सत्र की शुरुआत गर्मागर्म रही क्योंकि उपराज्यपाल के भाषण को विपक्ष ने निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया। जहां तक उपराजयपाल मनोज सिन्हा के संबोधन की बात है तो आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सामूहिक यात्रा पर विचार करने और उपलब्धियों की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है।
भाजपा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार से चुनावी वादों और पिछले वर्ष बजट में किए गए वादों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र में तीखी बहस की संभावना है। विपक्षी दल दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और कथित भेदभाव सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। उपराज्यपाल के संबोधन के बाद तो विपक्षी दल ने हमला शुरू भी कर दिया। पीडीपी विधायक वहीद पारा ने सवाल पूछते हुए कहा कि पूर्ण राज्य के दर्जे का क्या हुआ?