By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 24, 2026
अयोध्या के राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन में अनियमितताओं को उजागर करने वाले एक पत्रकार ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कथित ‘रोडरेज’ मामले में दर्ज प्राथमिकी के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि उनके ख़िलाफ दर्ज प्राथमिकी मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और यह उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम के लिए उन्हें परेशान करने की कोशिश है। याचिका में उपाध्याय ने कहा है कि उन्हें प्राथमिकी की प्रति नहीं दी गई है और पुलिस आसपास के दुकानदारों पर घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने का दबाव डाल रही थी।
उपाध्याय के खिलाफ गाजियाबाद में एक कथित ‘रोडरेज’ घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया है कि यह उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर उनकी रिपोर्टिंग के सिलसिले में दर्ज की गई थी। यूट्यूब चैनल संचालित करने वाले उपाध्याय ने दावा किया कि पुलिस की एक टीम 20 अगस्त की देर रात उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बताया कि ‘रोडरेज’ और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों के बाद इंदिरापुरम थाने में मामला दर्ज किया गया है। उपाध्याय के अनुसार, कथित घटना 18 अगस्त को गाजियाबाद के शिप्रा मॉल के पास उस वक्त हुई, जब एक मोटरसाइकिल उनकी कार से सट गयी।
उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को सूचना दी और बाद में एक प्राथमिकी दर्ज की गई।