Haryana Nuh Violence | नूंह हिंसा में बाल-बाल बचीं न्यायाधीश और उनकी तीन साल की बेटी की जान, प्राथमिकी से खुलासा

By रेनू तिवारी | Aug 03, 2023

 हरियाणा के नूंह में एक धार्मिक यात्रा पर हमले के दौरान भीड़ ने नूंह की एक अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की गाड़ी पर हमला कर उसमें आग लगा दी। हमले में न्यायाधीश और उनकी तीन साल की बेटी बाल-बाल बच गईं। एक प्राथमिकी से यह जानकारी सामने आई है। नूंह शहर थाने में मंगलवार को दर्ज प्राथमिकी में बताया गया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अंजलि जैन की गाड़ी पर सोमवार को हमलावरों ने पथराव और गोलीबारी की, जिस कारण उन्हें और उनकी बेटी को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

इसे भी पढ़ें: Mumbai college ने बुरका पहनने वाली छात्राओं को प्रवेश से रोका, विरोध के बाद दी प्रवेश की इजाजत

 

न्यायाधीश, उनकी बेटी और कर्मचारियों को नूंह के पुराने बस स्टैंड की एक वर्कशॉप में शरण लेनी पड़ी, जिन्हें बाद में कुछ अधिवक्ताओं ने बचा लिया। नूंह एसीजेएम की अदालत में प्रोसेसर सर्वर (कानूनी कारवाई में मौजूद पक्षों को कानूनी दस्तावेज देने वाला व्यक्ति) के रूप में काम करने वाले टेकचंद की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 

इसे भी पढ़ें: Gujarat: भाजपा नेताओं के खिलाफ मानहानिकारक पत्र प्रसारित करने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार

 

नूंह हिंसा में बाल-बाल बची जज और उनकी तीन साल की बेटी की जान

सिटी नूंह पुलिस स्टेशन में मंगलवार को दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अंजलि जैन और उनकी बेटी को सोमवार को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा, क्योंकि हमलावर उन पर पथराव और गोलीबारी कर रहे थे। जज, उनकी बेटी और स्टाफ को नूंह के पुराने बस स्टैंड की एक वर्कशॉप में शरण लेनी पड़ी। बाद में कुछ अधिवक्ताओं ने उन्हें बचाया।

एसीजेएम, नूंह की अदालत में प्रोसेसर सर्वर के रूप में काम करने वाले टेक चंद की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब एक बजे एसीजेएम, उनकी तीन साल की बेटी और गनमैन सियाराम अपनी फॉक्सवैगन कार से दवा खरीदने नलहर स्थित एसकेएम मेडिकल कॉलेज गए थे। दोपहर करीब 2 बजे जब वे मेडिकल कॉलेज से लौट रहे थे तो दिल्ली-अलवर रोड पर पुराने बस स्टैंड के पास करीब 100-150 दंगाइयों ने उन पर हमला कर दिया।

एफआईआर में लिखा गया “दंगाई उन पर पथराव कर रहे थे। कुछ पत्थर कार के पिछले शीशे पर लगे और दंगाइयों ने इलाके में गोलियां चला दीं. हम चारों कार सड़क पर छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागे. हम पुराने बस स्टैंड की एक वर्कशॉप में छिप गए और बाद में कुछ वकीलों ने हमें बचाया। अगले दिन, जब मैं कार देखने गया, तो मुझे पता चला कि दंगाइयों ने उसे जला दिया था।

प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी सभा), 435 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से आग लगाना), 307 (हत्या का प्रयास) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

विश्व हिंदू परिषद के जुलूस को रोकने की कोशिश को लेकर नूंह में भड़की झड़पें जो पिछले दो दिनों में गुरुग्राम तक फैल गईं, उनमें दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई है।

प्रमुख खबरें

दिल्ली में PM Modi से मिले VD Satheesan, केरल के लिए मांगा केंद्र का साथ

PM Modi से मिलेंगे Tamil Nadu CM Vijay, पदभार संभालने के बाद पहली Delhi यात्रा

पद्म सम्मान के बाद भावुक हुईं Hema Malini, दिवंगत पति Dharmendra को याद कर लिखा संदेश- मानो धर्मेंद्र जी मेरा हाथ थामे हुए हैं

Don 3 Controversy Explained | क्या सच में बॉलीवुड से बैन हो सकते हैं Ranveer Singh? FWICE के कड़े रुख के बीच समझें इनसाइड स्टोरी