क्या योगी राज में खत्म हुई गुंडई ? शिवसेना ने संपादकीय में कहा- कानपुर मुठभेड़ ने खोल दी पोल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 06, 2020

मुंबई। शिवसेना ने सोमवार को कहा कि कानपुर मुठभेड़ ने ‘‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’’ उत्तर प्रदेश सरकार की पोल खोल दी है और इस घटना से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य में गुंडई खत्म करने के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। कानपुर में मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया कि ‘‘उत्तम प्रदेश’’ अब पुलिसकर्मियों के खून से रक्तरंजित है और इस घटना ने देश को स्तब्ध कर दिया है। पिछले सप्ताह कानपुर के निकट एक गांव में एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या गैंगेस्टर विकास दुबे के गुंडों ने कर दी। मुख्य आरोपी विकास दुबे का एक सहयोगी गिरफ्तार हुआ है जबकि दुबे खुद फरार है। 

सामना में आश्चर्य जताया गया कि जब 40 साल बाद भी पुलिसकर्मियों की हत्या हो रही है तो आदित्यनाथ सरकार में क्या बदला है? उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि उत्तर प्रदेश दशकों से गुंडों के गिरोह और उसके अपराधों की वजह से बदनामी झेल रहा है। कई बार ऐसा दावा किया गया कि मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में गुंडई खत्म हो गई लेकिन कानपुर में पुलिस कर्मियों की हत्या ने इन दावों की पोल खोल दी। संपादकीय में कहा गया कि योगी आदित्यनाथ के तीन साल के शासन में अब तक 113 से ज्यादा गुंडों को मुठभेड़ में मारा गया लेकिन इस सूची में दुबे का नाम कैसे शामिल नहीं था।

 इसे भी पढ़ें: गिरफ्तारी के बाद विकाश दुबे के गुर्गे का बड़ा खुलासा, कहा-थाने से आये फोन के बाद हुई वारदात 

शिवसेना ने सवाल किया कि दुबे के खिलाफ हत्या और डकैती समेत 60 से ज्यादा अपराध के मामले दर्ज थे लेकिन वह सबूत के अभाव में कैसे बच गया। मराठी मुखपत्र में पूछ गया कि योगी सरकार के पास इस आरोप के क्या जवाब हैं कि मुठभेड़ की सूची उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार की सुविधा के हिसाब से तैयार की गई थी। कानपुर मुठभेड़ के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने दुबे के आवास को अवैध बताते हुआ तोड़ दिया।  इसका हवाला देते हुए शिवसेना ने पूछा कि लेकिन उन शहीद पुलिसकर्मियों के घरों का क्या? क्या मारे गए पुलिसकर्मियों के माता-पिता को उनका बेटा वापस मिल जाएगा, क्या उनके बच्चों को अपना पिता वापस मिल जाएगा?

शिवसेना ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन को दुबे के आवास के अवैध होने की ‘गुप्त जानकारी’ आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मिलती है। शिवसेना ने बिना ब्योरा दिए हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी का असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई पर है और इसलिए कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या गंभीर मामला है।

इसे भी देखें: कानपुर में बेखौफ अपराधियों की गोलीबारी में 8 पुलिसकर्मी शहीद 

प्रमुख खबरें

घुसपैठ पर Amit Shah का बड़ा एक्शन! 9 जुलाई को Border Districts के SPs के साथ बनाएंगे नई रणनीति

अस्पताल में Doctors पर बरसाए थप्पड़, CCTV फुटेज Viral होने के बाद Shiv Sena पार्षद गिरफ्तार

Indonesia के सफल दौरे के बाद Australia Visit पर PM Modi, Mission Indo Pacific का जलवा देख दुनिया हैरान

Ram Mandir पर Congress का असली चरित्र बेनकाब: Kangana Ranaut का बड़ा आरोप