सौतेली माँ प्रिया पर धोखाधड़ी का आरोप, Karisma Kapoor के बच्चों ने पिता की वसीयत पर उठाए सवाल

By रेनू तिवारी | Sep 09, 2025

अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। इस अर्जी पर 10 सितंबर को सुनवाई होने की संभावना है। इसमें संजय कपूर की वसीयत को चुनौती दी गई है। अर्जी में दावा किया गया है कि न तो संजय कपूर ने वसीयत के बारे में उल्लेख किया और न ही उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर या किसी अन्य व्यक्ति ने कभी इसके अस्तित्व के बारे में उल्लेख किया। इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रिया का आचरण यह दर्शाता है कि ‘‘कथित वसीयत बिना किसी संदेह के उनके द्वारा तैयार की गई है।

संजय कपूर की संपत्ति को लेकर झगड़ा

12 जून, 2025 को लंदन में संजय कपूर के निधन के बाद, 30,000 करोड़ रुपये के उत्तराधिकार विवाद को लेकर नए घटनाक्रम सामने आए हैं। कुछ दिन पहले, दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि करिश्मा अपने पूर्व पति की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा करने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही हैं।

संपत्ति को लेकर चल रही बातचीत में एक और मोड़ तब आया जब संजय की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव की बेटी सफीरा ने कथित तौर पर अपना उपनाम 'चटवाल' हटाकर 'कपूर' अपना लिया है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना ​​है कि यह बदलाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जिसका उद्देश्य संभवतः विरासत में अपनी हिस्सेदारी को मज़बूत करना है।

संजय कपूर की बहन ने भी प्रिया सचदेव की आलोचना की

हाल ही में, संजय की बहन मंधीरा कपूर ने भी दावा किया कि उनकी माँ को कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव सहित कई लोगों ने कानूनी कागज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था। "वे हमें कौन से कागज़ नहीं दिखा रहे हैं जिन पर उन्होंने इन 13 दिनों की अवधि में हस्ताक्षर करवाए हैं, जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है? मेरी माँ को बंद दरवाज़ों के पीछे कागज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। और यह एक बार नहीं, बल्कि दो बार हुआ," उन्होंने रिपब्लिक को बताया और फिर आगे कहा, "मैं दरवाज़ा खटखटा रही थी। वह शोक मना रही थीं।"

इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर तुलना के बीच, Anurag Kashyap बोले- Nishanchi मेरी अपनी कहानी है, Gangs of Wasseypur से बिलकुल अलग!

मंदिरा ने आगे कहा, "दरअसल, वहाँ दो दरवाज़े थे-एक अंदर और एक बाहर। इसलिए वह मेरी आवाज़ नहीं सुन पा रही थीं। असल बात यह है कि उन्होंने शोक की अवधि के दौरान कुछ कागज़ों पर हस्ताक्षर किए थे। वह गहरे शोक में थीं। वह मेरे पास आईं और बोलीं, 'मुझे नहीं पता कि मैंने किन कागज़ों पर हस्ताक्षर किए हैं। और तब से, हम पूछ रहे हैं और कोई जवाब नहीं मिल रहा है। तो, आप हमसे क्या छिपा रही हैं? मुझे लगता है कि यह सब किसी न किसी समय सामने आएगा, और सच्चाई सामने आएगी।"

Visit Prabhasakshi for Latest Entertainment News in Hindi Bollywood 

प्रमुख खबरें

BJP पूंजीवाद को देती है बढ़ावा , Akhilesh Yadav का सरकार पर हमला, बोले- जल्द बढ़ेंगे Petrol-Diesel के दाम

इस बार हमारी सरकार (व्यंग्य)

SIR को NRC और NPR से जोड़ने का प्लान, Owaisi बोले- ये मुसलमानों के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है

Ravindra Kaushik India Greatest Spy | कैसे PAK में पकड़ा गया भारत का सबसे बड़ा जासूस?| Matrubhoomi