कर्नाटक विधानसभा चुनाव: जद(एस) के लिए अस्तित्व की लड़ाई या पार्टी फिर बनेगी ‘किंगमेकर’ ?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 15, 2023

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा के लिए इस साल चुनाव होने हैं और ऐसे में सवाल यह है कि यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा-नीत जनता दल (सेक्युलर) के लिए राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई होगा या यह क्षेत्रीय दल त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में 2018 की तरह एक बार फिर ‘किंगमेकर’ (किसी दल को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाने वाले) के तौर पर उभरेगा।

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पार्टी ने अभी तक 2004 के विधानसभा चुनाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जिसमें उसने 58 सीट जीती थीं। पार्टी ने 2013 में 40 सीट और 2018 में 37 सीट पर जीत दर्ज की थी। पार्टी के कुछ नेताओं को जद (एस) के सत्ता में आने या सरकार गठन में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। जद (एस) के एक पदाधिकारी ने अपना नाम गोपनीय रखे जाने की शर्त पर कहा, ‘‘यदि इस प्रकार की स्थिति पैदा होती है, तो हम कुमारन्ना (कुमारस्वामी) को मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए निश्चित ही दबाव बनाएंगे, लेकिन हम पिछली बार के खराब अनुभव के बाद अपने चयन को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे और इस बार अपने संभावित गठबंधन साझेदार के साथ सीटों को लेकर सावधानी से समझौता करेंगे।’’

जद (एस) की पुराने मैसुरु क्षेत्र में मजबूत पकड़ है और कांग्रेस भी यहां काफी मजबूत है, लेकिन भाजपा की स्थिति यहां कमजोर है। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में राजनीतिक विश्लेषक ए. नारायण ने कहा कि जद (एस) वास्तव में कितनी मजबूत या कमजोर है, यह उम्मीदवारों की सूची की घोषणा के बाद ही तय किया जा सकता है, क्योंकि इसका अस्तित्व इस बात पर निर्भर करता है कि अन्य दलों द्वारा टिकट से वंचित रखे गए कितने मजबूत उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं।

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