By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
बेंगलुरु, चार अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रपत्र-7 आवेदनों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रही है। राज्य के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और विधायकों के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अनबुकुमार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और एसआईआर के दौरान कथित ‘‘चुनावी धोखाधड़ी’’ को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम के समक्ष उठाया है।
इसके परिणामस्वरूप, कांग्रेस सरकार पुलिस विभाग पर दबाव बना रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा रही है।’’ उन्होंने कहा कि प्रपत्र-7 मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत एक प्रावधान है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज दोहरे या मृत मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जा सकता है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘हमारे द्वारा जमा किया गया प्रपत्र-7 यदि वैध है, तो उसे स्वीकार किया जाएगा। लेकिन केवल ऐसा प्रपत्र जमा करने के आधार पर पुलिस विभाग को आपराधिक मामला दर्ज करने का कोई अधिकार नहीं है।
हमने कल डीजीपी एम. ए. सलीम से यही बात कही थी।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस विश्वास में सत्ता और धन का दुरुपयोग कर रही है कि वह कोई भी चुनाव जीत सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा उसे ‘‘उचित सबक सिखाएगी’’। उन्होंने आरोप लगाया कि सूखे के बीच राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 2,500 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक यह राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई है।’’ उन्होंने कर्नाटक की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की अपनी मांग दोहराई।
कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिंचाई और सड़कों की मरम्मत के लिए धनराशि जारी करने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ विभागों में वेतन के भुगतान में भी देरी हुई है।