By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
बेंगलुरु, तीन अगस्त कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार आखिरकार सोमवार को हो गया, जिसके तहत वरिष्ठ नेताओं और नए चेहरों समेत 19 नए मंत्रियों को इसमें शामिल किया गया। मंत्रिमंडल में इस बार भी किसी महिला को शामिल नहीं किया गया। इन 19 मंत्रियों में से सात मंत्री पहले सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में शामिल थे , जबकि सात को पहली बार मंत्री बनाया गया है।
फिलहाल राज्य मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं है। शांतिगौड़ा का नाम कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा मंजूर अंतिम सूची में शामिल था। गत 28 मई को मुख्यमंत्री पद से सिद्धरमैया के इस्तीफा देने के बाद शिवकुमार ने तीन जून को 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 पद स्वीकृत हैं। सोमवार के विस्तार के बाद अब मंत्रिमंडल में केवल एक पद खाली है। उन्नीस नए सदस्यों के शामिल होने के बाद मंत्रिमंडल में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व लिंगायत और अनुसूचित जाति समुदाय का है, जिनके सात-सात मंत्री हैं।
इसके बाद वोक्कालिगा समुदाय के पांच, मुस्लिम और अनुसूचित जनजाति समुदाय के तीन-तीन, कुरुबा समुदाय के दो तथा एडीगा, मराठा, राजपूत, रेड्डी, ईसाई व उप्पार समुदाय के एक-एक मंत्री हैं। क्षेत्रवार प्रतिनिधित्व की बात करें तो सबसे अधिक छह मंत्री बेंगलुरु से हैं, जबकि कलबुर्गी से तीन मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा दावणगेरे, मैसूर और धारवाड़ समेत विभिन्न क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इस बीच कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक टी. बी. जयचंद्र को विधानसभा का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया। जयचंद्र तब तक इस पद पर रहेंगे, जब तक विधानसभा स्थायी अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर लेती। फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों के पद खाली हैं।
आगामी 13 अगस्त से शुरू होने वाले कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान दोनों पदों के लिए चुनाव होने की संभावना है। विधानसभा के बुलेटिन में कहा गया है, माननीय सदस्यों को सूचित किया जाता है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 180(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए कर्नाटक के माननीय राज्यपाल ने विधायक श्री टी. बी. जयचंद्र को तीन अगस्त 2026 से कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के पद के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है। वह तब तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे, जब तक विधानसभा द्वारा विधिवत रूप से अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर लिया जाता।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बी. नागेंद्र को मंत्री बनाए जाने को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम घोटाले में कथित संलिप्तता के बावजूद उन्हें इनाम के तौर पर मंत्री बनाया गया है। भाजपा ने नए मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को जगह नहीं दिए जाने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में 187 करोड़ रुपये की कथित लूट के बावजूद किसी को भी जवाबदेह नहीं ठहराया गया है।