By अभिनय आकाश | Jul 09, 2026
कर्नाटक कैबिनेट के लंबे समय से रुके हुए विस्तार और फेरबदल पर तभी आगे बढ़ने की उम्मीद है, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी दिल्ली लौट आएंगे; पार्टी आलाकमान ही मंत्रालय के गठन पर अंतिम फैसला करेगा। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 12 जुलाई के बाद कांग्रेस नेतृत्व के साथ अहम बातचीत के लिए दिल्ली जाने की संभावना है। इस बैठक में मंत्रियों की अंतिम सूची तय होने की उम्मीद है, जिससे कैबिनेट की इस बहुप्रतीक्षित कवायद को लेकर हफ़्तों से चल रही अटकलों पर विराम लग जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने सात-आठ विधायकों की एक लिस्ट तैयार की है जिन्हें वे शिवकुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट में शामिल करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि इनमें से ज़्यादातर नेता पूर्व मुख्यमंत्री के वफ़ादार हैं और पार्टी के भीतर उनके गुट से जुड़े हैं।
अंतिम फ़ैसला लेने की प्रक्रिया में क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधित्व की भी अहम भूमिका होने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि नई कैबिनेट को अंतिम रूप देते समय लीडरशिप कर्नाटक के अलग-अलग क्षेत्रों और प्रमुख समुदायों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर ज़ोर दे रही है। इसके अलावा, कांग्रेस कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान दो से तीन महिला विधायकों को शामिल किया जा सकता है। अगर दिल्ली में चल रही बातचीत तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी हो जाती है, तो शपथ ग्रहण समारोह 20 जुलाई से पहले बेंगलुरु में होने की संभावना है।