By अभिनय आकाश | Oct 23, 2026
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को शुभा शंकरनारायण और डी. अरुण वर्मा की दया याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये दोनों दिसंबर 2003 में बेंगलुरु में शुभा के 27 वर्षीय मंगेतर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बी. वी. गिरीश की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। मंत्रिमंडल ने माना कि यह हत्या पहले से सोची-समझी और अत्यंत क्रूर थी, और मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत दया की याचिकाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता। याचिकाओं पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अब यह सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत के पास भेजी जाएगी। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को हुई बैठक के बाद बताया, कैबिनेट के सामने यह मामला रखने से पहले, गृह विभाग ने पुलिस और जेल विभागों से राय ली थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा देखे गए अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, शुभा गिरीश से शादी नहीं करना चाहती थी और वह लॉ के ही एक अन्य छात्र अरुण वर्मा के साथ अपना रिश्ता आगे बढ़ाना चाहती थी। उस समय 19 साल का वर्मा, उसी कोर्स के पहले सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा था। 3 दिसंबर 2003 की शाम को, शुभा ने गिरीश से उसे डिनर पर ले जाने के लिए कहा। गिरीश शाम करीब 6:30 बजे उसे उसके घर से अपने स्कूटर पर ले गया और वे दोनों उसके काम की जगह के पास स्थित 'टीजीआई फ्राइडेज़' (TGI Friday’s) नाम के एक रेस्तरां में गए।