कर्नाटक का नाटक जारी, Cong-JDS गठबंधन पर फिर मंडराये खतरे के बादल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 05, 2019

बेंगलुरु। कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के लिए उस समय परेशानियां बढ़ गईं जब इसमें शामिल जनता दल (एस) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एएच विश्वनाथ ने अपने पद से त्यागपत्र देते हुये गठबंधन के कामकाज के तरीके की आलोचना की और गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के दो वरिष्ठ विधायकों ने लोकसभा में हार के लिए राज्य के नेताओं को निशाने पर लिया। ये घटनाक्रम दर्शाता है कि एक साल पुरानी एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं जबकि सत्तारूढ़ दल कैबिनेट विस्तार और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल करके सरकार को बचाने की कोशिशों में लगा हुआ है। पार्टी के खास मामलों में कथित तौर पर दरकिनार किए जाने से नाराज विश्वनाथ ने कहा, ‘‘मैं इस पराजय (पार्टी की) की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं।’’

इसे भी पढ़ें: अमरिंदर का हरसिमरत पर पलटवार, बोले- उन्हें कुछ भी कह देने की आदत है

कांग्रेस के खेमे में भी इस तरह के विरोध की आवाजें सुनाई दे रही हैं। वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक अन्य वरिष्ठ नेता रोशन बेग ने भी मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आलोचना की। बेग पहले भी पार्टी नेताओं को खरीखोटी सुना चुके हैं। हालांकि बेग को पार्टी पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी है। उधर चिकबल्लापुर के विधायक सुधाकर ने कहा है कि सिद्धरमैया सरकार में मंत्री रहे इन लोगों को गठबंधन सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया इसलिए अब वे ऐसी बाते कर रहे है। मौजूदा सरकार में 34 मंत्री हैं और इसमें कांग्रेस के 22 और जद(एस) के 12 सदस्य हैं। अभी इसमें तीन और लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है। इसमें जद(एस) के कोटे से दो और कांग्रेस के कोटे से एक को मंत्री बनाये जाने का प्रस्ताव हैं। 

प्रमुख खबरें

IRFC में सरकार के Offer For Sale से मचा हड़कंप, Infosys की AI डील ने निवेशकों को बनाया मालामाल।

White House में India के Tariff पर मचा था बवाल, Donald Trump ने अधिकारियों को सरेआम किया खारिज

America से तनाव के बीच Kim Jong Un का बड़ा दांव, North Korea अब समुद्र में बढ़ाएगा परमाणु ताकत

France में Heatwave का जानलेवा कहर, 40 लोगों की मौत, Eiffel Tower भी समय से पहले बंद