By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 20, 2026
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने रविवार को बताया कि नकली दवाओं के कथित रूप से वितरण और बिक्री के मामले में 16 खुदरा एवं थोक विक्रेताओं के दवा लाइसेंस रद्द कर दिए गए जबकि आठ अन्य दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गये। यह कार्रवाई प्रशासन के औषधि प्रवर्तन दल की 18 अगस्त को की गई जांच के बाद हुई। जांच के दौरान बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी स्थित कुरुबरकेरनहल्ली में एक फार्महाउस पर बिना लाइसेंस वाली दवाओं की दोबारा पैकिंग और लेबल बदलने की गतिविधि का खुलासा हुआ था।
विभाग ने बताया कि नकली लेबल पर क्यूआर या स्कैनिंग कोड भी लगाए गए थे लेकिन सत्यापन के दौरान ये काम नहीं कर रहे थे। विभाग के मुताबिक, जब्त किए गए उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं विभाग ने बताया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। अधिनियम की धारा 17बी के तहत नकली दवाओं को मिलावटी (स्प्यूरियस) दवाओं की श्रेणी में रखा गया है।
विभाग ने बताया कि ऐसी दवाओं के निर्माण, बिक्री, भंडारण या वितरण से जुड़े अपराधों के लिए धारा 27 के तहत कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें कठोर कारावास और जुर्माना शामिल है।