By अभिनय आकाश | Sep 21, 2023
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पूछा कि क्या केंद्र माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म की प्रस्तुति के आधार पर एक्स कॉर्प, पूर्व में ट्विटर इंक को जारी किए गए ब्लॉकिंग आदेशों पर पुनर्विचार करेगा। न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति विजयकुमार पाटिल की खंडपीठ एक्स कॉर्प द्वारा दायर एक रिट अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एकल-न्यायाधीश पीठ द्वारा उसकी याचिका को खारिज करते हुए लगाए गए अवरोध आदेशों और 50 लाख रुपये के जुर्माने को चुनौती दी गई थी। एक्स कॉर्प ने 2 फरवरी, 2021 और 28 फरवरी, 2022 के बीच केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अवरुद्ध आदेशों की एक श्रृंखला को चुनौती दी थी।
पीठ ने यह भी माना कि बिना किसी प्रावधान के 50 लाख रुपये के जुर्माने की भी जांच की जानी चाहिए। एक्स कॉर्प ने एकल-न्यायाधीश के आदेश के आधार पर पहले ही अदालत में 25 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। अदालत ने मंगलवार को पक्षों को बताया कि मामला मुकदमेबाजी में आगे बढ़ने से पहले दोनों के बीच सुलझ गया होगा और कहा कि सोशल मीडिया पर उम्र सीमा निर्धारित की जा सकती है।