कर्नाटक उच्च न्यायालय ने रूसी महिला के बच्चों के निर्वासन पर रोक लगाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 24, 2025

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक रूसी महिला के बच्चों के निर्वासन को अस्थायी रूप से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया है। अदालत ने संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन (यूएनसीआरसी) के अनुसार बच्चों के सर्वोत्तम हितों पर विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि निर्वासन प्रक्रिया में बच्चों के कल्याण की अनदेखी की गई तथा यूएनसीआरसी के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता बीना पिल्लई ने किया।

भारत सरकार की ओर से इस मामले में पेश हुए सहायक सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने अदालत को बताया कि बच्चों के पास वर्तमान में वैध यात्रा या पहचान दस्तावेज नहीं हैं।

इस दलील के आधार पर, अदालत ने कहा कि इस स्तर पर तत्काल निर्वासन उचित नहीं है। नीना कुटीना (40) को उनकी दो बेटियों प्रिया (6) और अमा (4) के साथ 11 जुलाई को उत्तर कन्नड़ जिले के गोकर्ण में रामतीर्थ गुफा से पुलिस ने बचाया था। कुटीना वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद यहां रह रही थी।

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