By रेनू तिवारी | Jul 16, 2026
रिश्तेदारों और पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाज़ा खोला, तो सामने साक्षात मौत का खौफनाक मंज़र पसरा हुआ था। दीवारों से लेकर फर्श तक इंसानी खून की गहरी लाल परतों से सने हुए थे। कमरे के एक कोने में डॉ. किरण की कटी-फटी और बेजान लाश पड़ी थी, तो दूसरे कोने में उनका 8 साल का मासूम बच्चा अपनी ही मां के बेरहम चाकुओं के वार झेलकर खून के तालाब में तड़प रहा था। लेकिन इस वीभत्स कत्लगाह में सबसे ज़्यादा रोंगटे खड़े कर देने वाला नज़ारा अभी बाकी था। ठीक उसी कमरे में, मौत की इस खामोशी और बहते गर्म खून के बीच, कातिल पत्नी डॉ. प्रियंका चादर तानकर लेटी हुई थी। उसके चेहरे पर न कोई पछतावा था, न कोई खौफ। वह बेहद ठंडे दिमाग से, अपने पति की लाश और तड़पते बच्चे के ठीक बगल में सुकून से लेटकर अपने मोबाइल स्क्रीन को स्क्रॉल कर रही थी। लाशों के ढेर के बीच फोन की नीली रोशनी में चमकता उसका बेजान चेहरा देखने वालों के कलेजे को कंपा रहा था।
कर्नाटक के धारवाड़ में बुधवार को 45 साल के डॉक्टर किरण होननवर की कथित तौर पर उनकी पत्नी प्रियंका ने हत्या कर दी, जो खुद भी एक डॉक्टर हैं। जोड़े के आठ साल के बेटे को भी चाकू मारा गया था और उसका इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां का नज़ारा डरावना था, पूरे अपार्टमेंट में खून फैला हुआ था। घटना स्थल के एक वीडियो में डॉ. होननवर की पत्नी लेटी हुई और अपना फ़ोन चलाती हुई दिखाई दीं, जबकि उनके पति और बेटे की लाशें खून से लथपथ पड़ी थीं। सूचना मिलने के बाद हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार क्राइम सीन पर पहुंचे, उन्होंने देखा कि घायल बच्चा अभी भी सांस ले रहा था और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जब किरण के रिश्तेदारों और दोस्तों ने मंगलवार रात और फिर बुधवार सुबह फ़ोन किया, तो प्रियंका ने फ़ोन उठाया और उन्हें पहले बताया कि वह आराम कर रहे हैं और बाद में कहा कि वह ड्यूटी पर गए हैं।
जब परिवार के सदस्यों को कोई जवाब नहीं मिला और वे बुधवार शाम को जोड़े के फ़्लैट पर पहुंचे, तो उन्होंने पिता और बेटे को खून से लथपथ पाया, जबकि आरोपी महिला बिस्तर पर लेटी हुई अपना फ़ोन चला रही थी।
हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार ने बताया कि चिरायु अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट डॉ. किरण होननवर अपनी पत्नी प्रियंका कट्टानाहल्ली (जो MBBS ग्रेजुएट हैं और उन्होंने ऑप्थल्मोलॉजी में MS किया है) और अपने आठ साल के बेटे के साथ पवन हाई स्कूल के सामने छठी मंज़िल के एक अपार्टमेंट में रहते थे। उन्होंने बताया कि किरण के परिवार के सदस्य अक्सर उनसे मिलने आते थे।
घटना स्थल का ब्योरा देते हुए कमिश्नर ने बताया कि पुलिस को डॉ. किरण एक कमरे में खून से लथपथ मृत अवस्था में मिले। उन्होंने बताया कि 8 साल के बच्चे को भी चाकू से चोटें आई थीं। उन्होंने कहा, "जांच के दौरान हमें अभी यह पता लगाना है कि बच्चे पर ठीक कब हमला किया गया। चूंकि वह अभी भी ज़िंदा था, इसलिए हमने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया।"
शशिकुमार ने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना कब हुई और इसकी वजह क्या थी। शुरुआती जांच के मुताबिक, घटना के समय अपार्टमेंट में सिर्फ़ पति, पत्नी और बच्चा ही मौजूद थे और अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि कोई बाहरी व्यक्ति घर में आया हो।
उन्होंने आगे बताया कि पड़ोसी सुबह से ही परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन प्रियंका ने उन्हें बताया कि वह घर के अंदर है और उसके पति बाहर गए हुए हैं।
कमिश्नर ने कहा, "हम इस बात का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच करेंगे कि असल में क्या हुआ, उसने किससे बात की, उसने उन्हें क्या बताया और अपार्टमेंट के अंदर घटनाओं का क्रम क्या था।" उन्होंने यह भी बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है।