Karnataka Congress Crisis | कर्नाटक कांग्रेस में 'पावर गेम' तेज! DK Shivakumar समर्थकों की गुप्त बैठक, 40 विधायकों ने की मुख्यमंत्री बदलने की मांग

By रेनू तिवारी | Feb 27, 2026

कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के वफादार विधायकों ने बेंगलुरु के एक निजी होटल में शक्ति प्रदर्शन करते हुए आलाकमान से राज्य के शीर्ष पद (मुख्यमंत्री) पर शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ करने की मांग की है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात को लगभग ‘‘समान विचारधारा वाले 40 विधायक’’ होटल में जुटे और शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद पर आसीन कराने के लिए पैरवी करने का निर्णय लिया। शिवकुमार के वफादार बालकृष्ण ने संवाददाताओं से कहा कि उनका जन्मदिन शनिवार को है। ‘‘मैं शुक्रवार सुबह से यहां (बेंगलुरु) नहीं रहूंगा, इसलिए मैंने बृहस्पतिवार को समान विचारधारा वाले लोगों को मिलने के लिए एक साथ आमंत्रित किया। हमने सभी को बुलाया और यह बैठक की।’’

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चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यदि पार्टी में ऐसी ही स्थिति रही तो भविष्य में हमारे लिए कठिनाई होगी। (शीर्ष नेतृत्व को) उन्हें इस मुद्दे (नेतृत्व विवाद) को सुलझाना चाहिए। हमने तय किया है कि हम उनसे ऐसा करने का आग्रह करेंगे।’’ दिल्ली जाने के सवाल पर बालकृष्ण ने कहा कि मामला राष्ट्रीय राजधानी जाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आलाकमान को कर्नाटक में हो रही घटनाओं की जानकारी है।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाते हैं तो उन्हें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार सवालों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे क्षेत्रों में यही चर्चा होती है और इससे हम असहज महसूस करते हैं। हमें शीर्ष नेतृत्व से इस पर विराम लगाने का अनुरोध करना चाहिए।’’

बालकृष्ण ने कहा कि नेताओं को अलग-अलग बुलाने से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि जब विधायक मिलते हैं तो स्वाभाविक रूप से इस विषय पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा, ‘‘कई विधायकों का मानना है कि जब तक यह मुद्दा सुलझेगा नहीं, तब तक हमारे लिए स्थिति कठिन रहेगी और भविष्य अनिश्चित रहेगा।’’

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बालकृष्ण ने संकेत दिया कि इससे 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति पर असर पड़ सकता है। कर्नाटक कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष पद में बदलाव की मांग पर बालकृष्ण ने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व चाहे तो बदलाव कर सकता है। शिवकुमार पिछले 10 वर्षों से इस पद पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम केवल अंतिम निर्णय चाहते हैं। अध्यक्ष बदलें या कोई और, यह मुख्य बात नहीं है। हमारी मांग है कि यहां पार्टी की स्थिति को अंतिम रूप दिया जाए।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री बदलने की वकालत कर रहे हैं, बालकृष्ण ने कहा, ‘‘शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि निर्णय लिया जाएगा। अध्यक्ष बदलना हो या मुख्यमंत्री, यह उनका अधिकार है। लेकिन निर्णय अवश्य होना चाहिए। हम चाहते हैं कि भ्रम समाप्त हो।’’ यह बैठक छह मार्च से शुरू हो रहे कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र से लगभग एक सप्ताह पहले हुई। कुछ अन्य विधायकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि शिवकुमार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का स्थान लें।

राज्य में सत्ता संघर्ष नवंबर 2025 से तेज हुआ, जब कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। कांग्रेस के सत्ता में आने के समय ऐसी खबरें आई थीं कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण का समझौता हुआ है, जिसके तहत सिद्धरमैया पहले ढाई वर्ष मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद शिवकुमार कार्यभार संभालेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई। शिवकुमार समय-समय पर संकेत देते रहे हैं कि ऐसा समझौता हुआ था और इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। वहीं सिद्धरमैया का कहना है कि वह पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे।

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