By नीरज कुमार दुबे | Jan 28, 2023
74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 106 हस्तियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई। इन हस्तियों में कई ऐसे गुमनाम चेहरे भी शामिल हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के अपने काम में लगे हुए हैं। इन्हीं में एक हैं जम्मू-कश्मीर के गुलाम मोहम्मद जाज। कश्मीर के आखिरी संतूर निर्माता गुलाम मोहम्मद जाज ने अपनी कला को पहचान मिलने पर प्रसन्नता तो जताई है लेकिन साथ ही कहा है कि उन्हें ऐसा लगता है कि यह सम्मान उन्हें देर से मिला। उनका कहना है कि मैं पद्मश्री पाकर बहुत खुश हूं लेकिन मुझे और अधिक खुशी होती यदि यह पुरस्कार उस समय मिलता जब मेरे दादा, मेरे पिता या मेरे चाचा जीवित होते और वे इन यंत्रों को बना रहे होते।