By नीरज कुमार दुबे | Feb 13, 2026
कश्मीरी युवतियाँ अब फुटबॉल के मैदान पर अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। जुनून, मेहनत और जज़्बे के साथ वे न केवल खेल में पहचान बना रही हैं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक पूर्वाग्रहों को भी चुनौती दे रही हैं। परंपरागत रूप से पुरुषों के प्रभुत्व वाले इस खेल में ये लड़कियाँ अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। हर दिन युवा खिलाड़ी कड़ाके की ठंड और सीमित सुविधाओं के बावजूद मैदान पर जुटती हैं। कई परतों वाले गर्म कपड़े पहने होने के बाद भी उनकी फुर्ती, एकाग्रता और ऊर्जा में कोई कमी नहीं दिखती। वे नियमित रूप से ड्रिल, पासिंग रूटीन, शूटिंग तकनीक और स्टैमिना बढ़ाने वाले अभ्यास करती हैं।
इन उभरती फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नए अवसरों की राह है। हर गोल और हर मैच के साथ कश्मीरी लड़कियाँ नई कहानी लिख रही हैं और साबित कर रही हैं कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि पहले उन्हें सामान्य तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन अब अभ्यास सत्रों में नई और आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उनके खेल में लगातार सुधार हो रहा है।