By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 01, 2022
श्रीनगर। वैध यात्रा दस्तावेजों पर पाकिस्तान गए 17 ऐसे कश्मीरी युवक जोकि चुपके से घाटी में वापस लौटे थे, वे आतंकवाद-रोधी अभियानों में मारे गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने चिंता जताई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने यहां आतंकवाद को स्वदेशी आंदोलन के रूप में चित्रित करने के लिए नई रणनीति बनाईहै। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 के बाद से बड़ी संख्या में युवाओं ने उच्च शिक्षा हासिल करने, रिश्तेदारों से मिलने या शादी के मकसद से पाकिस्तान जाने के लिए यात्रा दस्तावेज हासिल किए।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों को हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया या स्लीपर सेल में भर्ती किया गया ताकि सीमा पार बैठे हैंडलर के साथ साझा करने के लिए जानकारी एकत्र की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए एक मजबूत अलगाववादी लॉबी हुर्रियत नेताओं से सिफारिश पत्र प्राप्त करने के साथ ही पाकिस्तान दूतावास से अन्य वैध यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था करती है ताकि प्रवेश के लिए पाकिस्तान की यात्रा की जा सके।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ले जाकर छात्रों और उनके अभिभावकों के रहने समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं आमतौर पर अलगाववादियों द्वारा पाकिस्तान में मौजूद उनके सह-साजिशकर्ताओं के साथ एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई। अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 17 युवक जो वैध यात्रा दस्तावेजों पर पाकिस्तान गए थे और माना जाता था कि वे उस देश में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वे नियंत्रण रेखा पर या मुठभेड़ों के दौरान मारे गए।