By अंकित सिंह | Oct 30, 2024
दिवाली के दौरान दिल्ली में आतिशबाजी पर जारी प्रतिबंध के मद्देनजर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दोहराया कि यह प्रतिबंध धर्म का मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक प्रयास है। एक संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दिवाली मूलतः प्रकाश का उत्सव है और आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण का नकारात्मक प्रभाव स्थायी होता है, खासकर बच्चों पर।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सफ़ाईकर्मियों के लिए ख़ुशख़बरी है। भाजपा के समय सफ़ाईकर्मियों को अपनी सैलरी के लिये धरना प्रदर्शन करना पड़ता था, 6-6 महीने तनख़्वाह नहीं मिलती थी। लेकिन दो साल में एक भी बार ऐसा नहीं हुआ कि सफ़ाईकर्मियों को समय पर सैलरी ना मिली हो। उन्होंने कहा कि अब आप सरकार में सफ़ाईकर्मियों को महीने के पहले हफ़्ते में ही तनख़्वाह मिल जाती है।
उन्होंने कहा कि एमसीडी की आप सरकार ने नवंबर में 64,000 सफ़ाई कर्मियों के खाते में नवंबर की सैलरी डाल दी है जो कि 7 तक मिलनी थी। एमसीडी ने कुल 23 करोड़ रुपये का डिस्काउंट दिया। अब सभी सफ़ाई कर्मी अपने परिवार के साथ ख़ुशी-ख़ुशी मना सकते हैं।