By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2026
नैरोबी। केन्या के नानयुकी कस्बे में सोमवार को हजारों युवाओं ने इबोला वायरस संक्रमण की चपेट में आए अमेरिकी नागरिकों के लिए लाइकीपिया वायुसैनिक अड्डे पर पृथकवास केंद्र की स्थापना के खिलाफ प्रदर्शन किया। ये विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय हुए, जब केन्या के उच्च न्यायालय ने दो दिन पहले लॉ सोसायटी ऑफ केन्या और एक संवैधानिक निगरानी संस्था की ओर से दायर मामले की सुनवाई लंबित रहने तक इस पृथकवास केंद्र की स्थापना और किसी भी विदेशी मरीज के आगमन पर रोक लगा दी थी।
अधिकारियों ने बताया था कि लाइकीपिया वायुसैनिक अड्डे पर स्थापित इस केंद्र में 50 बिस्तर होंगे और यह शुक्रवार से मरीजों के लिए उपलब्ध होगा। सोमवार को हजारों युवाओं ने नारे लगाते हुए वायुसैनिक अड्डे के द्वार तक मार्च किया।
स्वास्थ्य मंत्री एडेन डुएल ने रविवार को सफाई दी थी कि यह पृथकवास केंद्र “सभी के लिए” है, न कि सिर्फ अमेरिकी नागरिकों के लिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन का इरादा इबोला वायरस के प्रकोप से निपटने की तैयारियों के लिए केन्या को 1.35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का है।