By रेनू तिवारी | Mar 25, 2026
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की तारीख (9 अप्रैल) जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, राज्य का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। ताजा विवाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेमम सीट से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के चुनावी हलफनामे को लेकर खड़ा हुआ है। सत्ताधारी माकपा (CPIM) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर ने बेंगलुरु स्थित अपनी करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति की जानकारी चुनाव आयोग से छिपाई है। सत्ताधारी माकपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने चंद्रशेखर के खिलाफ कानूनी लड़ाई की घोषणा की है, क्योंकि आरोपों और शिकायतों के बावजूद नेमम निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव अधिकारी ने भाजपा नेता का नामांकन स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि अब इस मामले को उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। केपीसीसी महासचिव और कांग्रेस के नेमम निर्वाचन क्षेत्र के कोर कमेटी अध्यक्ष मणक्कड़ सुरेश ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु के कोरमंगला में स्थित मूल्यवान अचल संपत्ति को उम्मीदवार के हलफनामे में जानबूझकर छिपाया गया था। उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित हलफनामे और कर्नाटक सरकार के संपत्ति कर अभिलेखों में स्पष्ट विसंगतियां हैं।
एक बयान में सुरेश ने आगे कहा कि संविधान मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में पूरी जानकारी जानने का अधिकार देता है और इस तरह की कथित जानकारी छिपाना लोकतंत्र की नींव को ही कमजोर करता है। चंद्रशेखर का नामांकन स्वीकार होने के तुरंत बाद, शिवनकुट्टी ने भी घोषणा की कि वह इस संबंध में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे। एक फेसबुक पोस्ट में शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा न करना मतदाताओं के साथ घोर विश्वासघात है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि बेंगलुरु में एक आलीशान मकान के स्वामित्व के कर अभिलेख सामने आने के बावजूद इस संपत्ति का विवरण नामांकन हलफनामे में नहीं दिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का एक सोचा-समझा प्रयास है। उन्होंने कहा कि यही मकान पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवार के निवास के रूप में दर्शाया गया था।
उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दंडनीय हैं और इस मामले में वह मजबूत चुनाव याचिका दायर करेंगे। साथ ही उन्होंने नेमम के मतदाताओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता व ईमानदारी बनाए रखने की अपील की। वहीं, चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर चुनाव लड़ने के लिए झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी तीखा हमला करते हुए पुराने विवादों का जिक्र किया और वरिष्ठ नेताओं की आलोचना की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य के मंत्री शिवनकुट्टी लगातार उन पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह कोई नया आरोप नहीं है। हर चुनाव के समय इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। लोग विवाद नहीं, बल्कि विकास चाहते हैं।” केरल की 140-सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा।