By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 29, 2022
कोच्चि। केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को निर्देश दिया जाएगा कि वह केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की ओर से मुआवजे के तौर पर मांगी गई पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि को राज्य सरकार के समक्ष जमा कराये। पीएफआई के खिलाफ हुई छापेमारी और उसके कुछ सदस्यों की गिरफ्तारी के विरोध में गत 23 सितंबर को आयोजित उसकी हड़ताल के दौरान बसों को हुए नुकसान और सेवाओं में कटौती को लेकर केएसआरटीसी ने मुआवजे की यह मांग की है। केएसआरटीसी की ओर से पेश अधिवक्ता दीपू थंकन ने बताया कि अदालत ने कहा कि हड़ताल संबंधित हिंसा और संपत्ति को हुए नुकसान को लेकर दर्ज सभी मामलों में संगठन के पूर्व महासचिव अब्दुल सत्तार को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया जाएगा।
परिवहन निगम की ओर से दावा किया गया कि हड़ताल के हिंसक होने से 58 बसों में खिड़कियों के शीशों और सीटों को नुकसान पहुंचाया गया तथा उसके 10 कर्मचारियों के अलावा एक यात्री भी घायल हुआ। केएसआरटीसी की ओर से दावा किया गया कि हिंसक हड़ताल के कारण उसे कुल 5,06,21,382 रुपये का नुकसान हुआ।