By अभिनय आकाश | Nov 06, 2026
कोच्चि के पास मिनी कूपर से हुए जानलेवा हादसे के मामले में केरल हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों को जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मुख्य आरोपी, 19 वर्षीय सुहैल सजीव, रिहा होने से पहले 10 और दिनों तक हिरासत में रहेगा। कोर्ट ने कहा कि भले ही इस मामले ने लोगों का काफी ध्यान खींचा है, लेकिन न्यायिक फैसले जनभावनाओं के बजाय कानून और तय प्रक्रियाओं पर आधारित होने चाहिए। जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने यह आदेश तब दिया जब वे सजीव और तीन अन्य आरोपियों निनाव, जोयल एंटो और अमीन शाह - की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। सह-आरोपियों को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा, जबकि सजीव की रिहाई को फिलहाल टाल दिया गया है। सुनवाई के दौरान, अदालत ने नेडुम्बसेरी में हुए हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और अब तक जुटाए गए सबूतों के बारे में जानकारी मांगी। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच अभी चल रही है और दो सप्ताह के भीतर पूरी हो सकती है।
आरोपियों के वकीलों ने दलील दी कि चारों 19 साल के छात्र हैं और न्यायिक हिरासत में रहने के कारण उनकी पढ़ाई का नुकसान हुआ है। अभियोजन पक्ष ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए कहा कि हादसे में मारे गए तीनों लोग भी युवा थे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते थे। यह हादसा 11 अक्टूबर की तड़के हुआ, जब नेदुम्बसेरी के पास एक तेज़ रफ़्तार 'मिनी कूपर' कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार को सजीव चला रहा था और वह नशे की हालत में था। इस टक्कर में दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत हो गई, जिनकी उम्र लगभग 21 साल थी। हादसे के बाद सजीव की कथित टिप्पणियों की खबरें सामने आने पर यह मामला काफी चर्चा में आ गया। बताया जाता है कि उसने पूछा था, "सड़कें किसलिए होती हैं? गाड़ी चलाने के लिए ही न?" और यह भी कहा कि उसके पिता इस मामले को संभाल लेंगे।
इस मामले में नए तकनीकी सबूत सामने आए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि 'मिनी कूपर' बनाने वाली कंपनी BMW ने गाड़ी की जांच की, जिसमें पता चला कि टक्कर से 5 सेकंड पहले कार लगभग 162 kmph की रफ़्तार से चल रही थी। गाड़ी के 'क्रैश डेटा' से पता चला कि टक्कर से लगभग 1 सेकंड पहले ब्रेक लगाए गए थे, उस समय कार 144 kmph की रफ़्तार से चल रही थी।