By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 15, 2026
केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके रिश्तेदारों को झटका देते हुए केरल उच्च न्यायालय ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की उनकी याचिकाओं को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति के. नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की पीठ ने एकल न्यायाधीश के नौ अक्टूबर के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास के आवेदन को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि भ्रष्टाचार के किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने से पहले आरोपी को सुने जाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। पीठ ने कहा कि अर्जियां खारिज होने के कारण उनकी अपील भी स्वतः खारिज हो जाती हैं।
विजयन, वीणा और रियास ने अपनी अपीलों में दावा किया था कि नौ अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से पहले एकल न्यायाधीश द्वारा उनका पक्ष नहीं सुना गया। यह अपील सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) की विशेष जांच इकाई-एक द्वारा सोमवार को कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले के संबंध में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद दायर की गई थी। केरल उच्च न्यायालय ने नौ अक्टूबर को वीएसीबी को राज्य पुलिस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपनी जांच और छापेमारी के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि सीएमआरएल ने आईटी परामर्श सेवाओं के नाम पर वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया था।