By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी, जिनके बेटे का हाल ही में एक कार दुर्घटना में हाथ था, जिसमें एक स्कूटर सवार की मौत हो गई थी। जमानत के मामले में, जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया और कहा कि जज को जांच में सहयोग करना होगा। बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक पुलिस आवेदक को गिरफ्तार नहीं करेगी। हालांकि, उसे आज दोपहर 1:00 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा और जरूरत पड़ने पर, बुलाए जाने पर फिर से आना होगा। आवेदक से पूछताछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। आरोपी जज की ओर से पेश हुए सीनियर वकील पी विजय भानु ने हाई कोर्ट को बताया कि मर्सिडीज दुर्घटना के संबंध में पुलिस स्टेशन में जज से चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। अदालत ने कहा उसे 4 घंटे तक पूछताछ करने की क्या ज़रूरत थी, और अब फिर से पूछताछ क्यों? उसकी गिरफ़्तारी की क्या ज़रूरत है? वह एक न्यायिक अधिकारी हैं। वह जांच में सहयोग करेंगे। हादसे के पीड़ितों की ओर से पेश वकील ने इस फ़ैसले का विरोध किया। उन्होंने उस जज पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है, जो त्रिशूर ज़िले के इरानजालकुडा में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) में तैनात हैं।